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मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के वाहन पर लाठियों से हमला, वन अधिकारियों से की मारपीट

vinod saini

Publish: Dec 15, 2019 00:28 AM | Updated: Dec 15, 2019 00:28 AM

Jaipur

सरिस्का बाघ परियोजना (Sariska Tiger Project) के गांव लॉज नाथूसर के पास बाइक पर सवार होकर आए चार-पांच युवकों ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (Chief wildlife guardian) अरिंदम तोमर, डीएफओ (DFO) विस्थापन जगदीश दहिया, रेंजर शंकर सिंह शेखावत के वाहन पर लाठियों से हमला (Attack with sticks) कर दिया। जिससे गाड़ी का सीसा टूट गया।

- सरिस्का के देवरा मंदिर के नीचे की घटना
-युवक की डंगी छीनने का आरोप लगा ग्रामीणों ने किया हमला

अलवर। सरिस्का बाघ परियोजना (Sariska Tiger Project) के गांव लॉज नाथूसर के पास देवरा मंदिर के नीचे शनिवार शाम को बाइक पर सवार होकर आए चार-पांच युवकों ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (Chief wildlife guardian) अरिंदम तोमर, डीएफओ (DFO) विस्थापन जगदीश दहिया, रेंजर शंकर सिंह शेखावत के वाहन पर लाठियों से हमला (Attack with sticks) कर दिया। जिससे गाड़ी का सीसा टूट गया। वन अधिकारियों से धक्का मुक्की कर मारपीट भी की गई।
सरिस्का के डीएफओ सेढूराम यादव ने बताया कि मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक तोमर व सरिस्का के अन्य शाम को देवरा चौकी क्षेत्र के निरीक्षण व बाघ एसटी-१० व १३ की मॉनिटरिंग व्यवस्था को देखने गए थे। निरीक्षण कर वापस लौटते समय एक दो बाइकों पर आए चार-पांच युवक वन अधिकारियों से हरे पत्ते काटने की डंगी छीनने की बात को लेकर उलझने लगे। उन्होंने आसपास से २०-२५ लोगों को बुला लिया। ग्रामीणों ने वन अधिकारियों की गाड़ी पर पथराव व लाठियों से हमला कर दिया, जिससे गाड़ी का सीसा टूट गया। सीसा टूटने से मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के हाथ में भी चोट लगी है। ग्रामीणों ने वन अधिकारियों व वनकर्मियों से धक्का मुक्की व मारपीट की। घटना के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक टूटे सीसे की गाड़ी में सवार होकर वहां से रवाना हो गए। घटना की लिखित शिकायत पुलिस को दी गई है।

बाघ एसटी-१३ की ट्रैकिंग को गया था
सरिस्का में एसटी-13 को ट्रैक करने के लिए गए थे, जंगल के कुछ गलत लोगों के खिलाफ कार्रवाई से ग्रामीण चिंतित थे। इस कार्रवाई में कौनसा वाहन शामिल था, इसकी पूरी तरह से जानकारी नहीं है। विस्थापन का कोई मामला नहीं था। बाद में मैं वहां से आ गया और सरिस्का डीसीएफ व अन्य अधिकारी वहां पहुंच गए।

अरिंदम तोमर, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान

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