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मुख्यमंत्री गहलोत ने तीन घंटे सुनी जनता की फरियाद, 6 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे जनसुनवाई में

Firoz Khan Shaifi

Publish: Sep 23, 2019 16:14 PM | Updated: Sep 23, 2019 16:14 PM

Jaipur

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर तीन घंटे तक लोगों की फरियाद सुनी। 6 हजार से ज्यादा लोग अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री गहलोत के आवास पर पहुंचे। सुबह 10 बजे शुरू हुई जनसुनवाई दोपहर एक बजे तक चली। जनसुनवाई में आम जनता के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों कार्यकर्ता भी पहुंचे।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर तीन घंटे तक लोगों की फरियाद सुनी। 6 हजार से ज्यादा लोग अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री गहलोत के आवास पर पहुंचे। सुबह 10 बजे शुरू हुई जनसुनवाई दोपहर एक बजे तक चली। जनसुनवाई में आम जनता के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों कार्यकर्ता भी पहुंचे।

इसके अलावा निकाय चुनाव में टिकट और राजनीतिक नियुक्तियों में में एडजस्ट के करने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपना-अपना बायोडाटा लेकर पहुंचे। इसके अलावा उर्दू शिक्षक भी अपनी समस्या लेकर पहुंचे।

वहीं हनुमानगढ़ जिले की संगरिया नगरपालिका के उपाध्यक्ष प्रियंका महेंद्र गोदारा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर नगर पालिका अध्यक्ष नाथूराम सोनी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच करवाने की मांग की। गहलोत से तुलाई और धानका मजदूरी के रेट बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा घुमंतु अर्ध घुमंतु विमुक्त घुमंतू जाति उत्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सीएम से घुमंतु जातियों के उत्थान के लिए ठोस प्रयास करने की मांग की।

मुख्यमंत्री से मिलने वालों में बड़ी संख्या में वे छात्र भी रहे जो विभिन्न परीक्षाओं में परिणाम जल्दी जारी की फरियाद लेकर आए। इसके अलावा पानी, बिजली, वृद्धावस्था पेंशन, चिकित्सा जैसे महकमों की समस्याएं लेकर भी लोग जनसुनवाई में पहुंचे।

महिला कांग्रेस मंत्री को श्नान ने काटा

वहीं जनसुनवाई लौट रही प्रदेश महिला कांग्रेस की एक पदाधिकारी पर सीएम हाउस के गेट बाहर एक श्वान ने हमला बोल दिया। श्वान ने महिला कार्यकर्ता को कई जगह से काट लिया। इससे महिला के साथ मौजूद अन्य कांग्रेसी महिलाओं ने उन्हें बचाया और निजी अस्पताल मेें भर्ती कराया।

मुख्यमंत्री ने सभी सभी लोगों से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी औऱ अधिकारियों को शीघ्र ही समस्याओं का गंभीरता से निस्तारण करने का आदेश दिया। बता दें कि बीते दो सोमवार से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जनसुनवाई नहीं कर पा रहे थे।

पहले केंद्रीय वित्त आयोग के साथ बैठक के चलते मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई स्थगित कर दी थी। इसके बाद बीते सोमवार को मुख्यमंत्री गहलोत बाढ़ प्रभावित जिलों के दौरे पर जाने के चलते जनसुनवाई नहीं कर पाए थे।