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नकली बीज, कीटनाशकों के उपयोग पर सख्ती की तैयारी

Ashish sharma

Publish: Nov 12, 2019 20:57 PM | Updated: Nov 12, 2019 20:57 PM

Jaipur

Union Minister of State for Agriculture Purushottam Rupala : किसानों के हितों की रक्षा के लिए केन्द्र सरकार ‘बीज एवं कीटनाशक विधेयक’ लेकर आएगी..

जयपुर/दिल्ली
Union Minister of State for Agriculture Purushottam Rupala : किसानों के हितों की रक्षा के लिए केन्द्र सरकार ‘बीज एवं कीटनाशक विधेयक’ लेकर आएगी। यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। इस विधेयक में फर्जी बीज और कीटनाशकों से किसानों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। हालांकि निर्धारित प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही यह विधेयक कानून बन पाएगा। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरूषोत्तम रूपाला ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में दिल्ली में इस बारे में जानकारी दी। कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि सरकार किसान हितों को पूरी तरह से संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए संसद के शीतकालीन सत्र में यह विधेयक लाया जाएगा। दिल्ली में भारतीय कृषक समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा उत्तम किस्म के बीज पर ही निर्भर है। सरकार की कोशिश होगी कि किसानों को उच्चतम कोटि के बीज और कीटनाशक मिल सकें। प्रस्तावित विधेयक में किसान हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मुआवजे का होगा प्रावधान

कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि बीज और कीटनाशक से संबंधित विधेयक में किसानों को फर्जी बीज, कीटनाशक बेचने और उसकी फसल बर्बाद होने की स्थिति से बचाने के लिए किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान भी किया जाएगा। गौरतलब है कि कई बार यह देखा जाता है कि नकली बीज के चलते किसानों की पूरी मेहनत बेकार हो जाती है। नकली बीज होने पर कई बार पैदावार बहुत कम होती है तो कई बार उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है। यही स्थिति कीटनाशकों के साथ है। अगर कीटनाशक मिलावटी या नकली होता है तो कीटों का नाश नहीं होने से किसानों को फसल खराबे का सामना करना पड़ता है।
किसानों की यह बड़ी समस्या
किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या छोटे छोटे खेत हैं। यानि किसान लघु और सीमांत श्रेणी के हैं। ऐसे किसान आधुनिक मशीनरी का उपयोग आर्थिक हालत अच्छी नहीं होने से मुख्यतौर पर नहीं कर पाते हैं। ऐसे में कृषि जोत का आकार बढ़ाने के लिए इस्राइल की तरह यहां भी किसानों को 100-50 की संख्या में एकजुट होकर खेती भूमि का आकार बढ़ाने तथा आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल कर लाभप्रद खेती के लिए किसानों को कृषक उत्पादक संगठन (एमपीओ) बनाने के बारे में विचार करने की बात कार्यक्रम में कही गई।

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