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Rajasthan: 25 जनवरी को पास होगा CAA 'विरोधी' प्रस्ताव, गहलोत सरकार का होमवर्क पूरा!

Nakul Devarshi

Publish: Jan 23, 2020 15:34 PM | Updated: Jan 23, 2020 15:36 PM

Jaipur

गहलोत सरकार ( Ashok Gehlot Government ) 25 जनवरी को विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून ( Citizen Amendment Act CAA ) के विरोध में प्रस्ताव ला रही है। प्रस्ताव पास होने के बाद राजस्थान भी उन कांग्रेस शासित राज्यों की फहरिस्त में शामिल हो जायेगा जहाँ इस कानून को लागू नहीं करने को लेकर संकल्प पारित हुए हैं।

जयपुर।

गहलोत सरकार ( Ashok Gehlot Government ) 25 जनवरी को विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून ( Citizen Amendment Act ) के विरोध में प्रस्ताव ला रही है। प्रस्ताव पास होने के बाद राजस्थान भी उन कांग्रेस शासित राज्यों की फहरिस्त में शामिल हो जायेगा जहाँ इस कानून को लागू नहीं करने को लेकर संकल्प पारित हुए हैं।


जानकारी के अनुसार, 15 वीं राजस्थान विधानसभा ( Rajasthan Assembly Session ) का चौथा सत्र 24 जनवरी से आहूत होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। जबकि अगले दिन यानी शनिवार 25 जनवरी को सरकार कुछ महत्वपूर्व प्रस्ताव सदन में रखेगी। इसमें सभी की नज़रें नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लाये जा रहे प्रस्ताव पर रहेगी। सरकार की कोशिश है कि इस प्रस्ताव को पास करवाकर इस कानून को राज्य में लागू नहीं किये जाने पर औपचारिक मुहर लगा दी जाए। फिलहाल ये सत्र दो दिन चलेगा और बाद में यही बजट सत्र में तब्दील हो जायेगा।


कांग्रेस ने जारी किया व्हिप
विधानसभा सत्र के लिए कांग्रेस विधायकों को व्हिप जारी किये गए हैं। सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से कांग्रेस विधायकों को ये व्हिप जारी हुए हैं। यानी की कांग्रेस विधायकों को अनिवार्य रूप से विधानसभा में उपस्थित रहना होगा। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि विधानसभा में सत्तापक्ष सीएए के विरोध सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन में लाकर उन्हें पास करवाने की मंशा में है।


उधर, सरकार की ओर से सीएए जैसे कुछ अन्य प्रस्तावों का पुरज़ोर विरोध करने के लिए भाजपा भी रणनीति बना रही है। इसी सिलसिले में भाजपा विधायक दल की भी बैठक बुलाई गई है।


गौरतलब है कि राजस्थान से पहले केरल और पंजाब की सरकारें नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं। वहीं सीएम गहलोत भी कई मौकों पर सीएए और एनआरसी को राजस्थान में लागू नहीं करने की बात कह चुके हैं। बताया जा रहा है कि सीएए के खिलाफ प्रस्ताव में सरकार को सदन के भीतर कांग्रेस को लोकदल, माकपा, निर्दलीय और बीटीपी विधायकों का भी समर्थन मिल सकता है।


केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नागरिकता संशोधन कानून सीएए के खिलाफ देशभर में हल्ला मचा हुआ है। गैर भाजपा शासित राज्य इस कानून को अपने-अपने राज्यों में लागू करने से मना कर चुके हैं, यही वजह है कि कांग्रेस शासित राज्य केरल और पंजाब विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास लाया था।

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