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गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के भवन नाम, वर्ग ग्रीष्मकालीन अवकाश में ही होंगे परिवर्तन

HIMANSHU SHARMA

Publish: Sep 17, 2019 10:31 AM | Updated: Sep 17, 2019 10:31 AM

Jaipur

शिक्षा विभाग ने परिवर्तन के लिए मई जून का महीना किया तय,नियम भी किए तय

जयपुर
गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के मान्यता नियमों को लेकर शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन जारी की हैं। जारी गाइडलाइन के अनुसार अब शिक्षण संस्थाओं के भवनों, नाम, वर्ग और माध्यम परिवर्तन ग्रीष्माकालीन अवकाश में ही हो सकेंगे। परिवर्तन के लिए शिक्षा विभाग ने मई-जून माह को तय किया है। किसी गैर सरकारी शिक्षण संस्थान का नाम परिवर्तन करने योग्य होने पर ही राज्य सरकार की ओर से स्वीकृति जारी की जाएगी। हालांकि किसी भी स्थानीय विद्यालय के नाम पर और उससे मिलता-जुलता नाम रखने की स्वीकृति राज्य सरकार नहीं देगी। राज्य सरकार ने गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के मान्यता नियमों के तहत उनके भवन, नाम, वर्ग, माध्यम परिवर्तन आदि के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने बताया कि लम्बे समय से इस संबंध में नियम जारी नहीं किए जाने से काफी संख्या में मामले अटके हुए थे। अब नियम जारी होने से अब गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के के मामलों को तय समय पर निस्तारण हो सकेगा। डोटासरा ने बताया कि राज्य सरकार के स्तर पर गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के अंतर्गत किसी भी प्रकार के परिवर्तन के लिए प्रबन्ध कार्यकारिणी का प्रस्ताव आवश्यक होगा। परिवर्तन के लिए शिक्षक अभिभावक परिष्द् की सहमति भी आवश्यक होगी।
सिर्फ एक बोर्ड की सम्बद्धता से ही चल सकेंगे विद्यालय
विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण संस्थान हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तन की स्वीकृति के लिए आवेदन कर सकते है। लेकिन विद्यालय एक समय में किसी एक बोर्ड की संबद्धता से ही संचालित किया जा सकेगा। यदि विद्यालय के पास पहले से किसी दूसरे बोर्ड से संम्बद्धता है तो पूर्व बोर्ड से प्राप्त सम्बद्धता नए बोर्ड से सम्बद्धता मिलने के बाद स्वतः ही समाप्त हो जाएगी। वहीं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर को गैर सरकारी शिक्षण संस्था की सम्बद्धता जारी करने वाले आदेशों में यह बिंदू स्पष्ट करना होगा कि राजस्थान बोर्ड की सम्बद्धता के अतिरिक्त सीबीएसई या किसी अन्य बोर्ड के सम्बद्धता प्राप्त करने पर राजस्थान बोर्ड की सम्बद्धता स्वतः ही समाप्त मानी जाएगी।
खुद का भवन तो नहीं मिलेगी परिवर्तन की स्वीकृति
नियमों के अनुसार गैर सरकारी विद्यालय का भवन स्वयं का होने पर भवन परिवर्तन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी। प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के मध्य में ही 1 किलोमीटर एवं 2 किलोमीटर से अधिक दूरी के स्थान परिवर्तन के प्रस्तावों पर विद्यालय में आरटीई के तहत अध्ययनरत बालकों की 8वीं कक्षा तक के शुल्क को राजकोष में जमा कराने पर स्थान परिवर्तन की स्वीकृति दी जाएगी। अगर आरटीई नियमों के मापदंड से अधिक दूरी के तक विद्यालय के भवन को बदलना होगा तो उससे पहले आरटीई के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवागमन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करवानी होगी।