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किसानों की आय दोगुनी करने को लाएं आय सुरक्षा कानून

Jagmohan Sharma

Publish: Dec 25, 2019 23:44 PM | Updated: Dec 25, 2019 23:44 PM

Jaipur

बजट 2020: बिना पूर्व अनुमान के दाल या तेल के आयात का फैसला नहीं लिया जाए

नई दिल्ली. किसानों की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्री से बजट में आय सुरक्षा कानून का प्रावधान करने की मांग की गई है। देशभर के किसानों के प्रतिनिधि के रूप में कंसोर्शियम ऑफ इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन (सीआइएफए) ने वित्त मंत्री से यह मांग की है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट पूर्व मीटिंग में किसानों से जुड़े कई मुद्दों को सामने रखा गया। वित्त मंत्री से की गई मांग में साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने के उपाय पर जोर दिया गया। इसके साथ ही भारत को साल 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए अन्य सुझाव भी दिए गए।

किसानों की मांगें:
- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण हो।
- बिना किसी पूर्व अनुमान के दाल या तेल के आयात का फैसला नहीं लिया जाए
- फसलों की एमएसपी में खेती की लागत, पारिवारिक मजदूरी, भूमि की कीमत को जोडऩे के बाद 50 फीसदी लाभ दिया जाए।
- पराली बैंक स्थापित किया जाए, इसमें पराली इक_ा करने और इसे उन इलाकों में सप्लाई किया जाए, जहां जानवर के लिए चारे की कमी रहती है।
- अनाज, फल और सब्जियों के संरक्षण के लिए वेयरहाउस की संख्या बढ़ाई जाए।
- बटाई पर और मजदूरी करने वाले किसानों के लिए इनकम सिक्योरिटी कानून लाया जाए
- कमोडिटी एक्ट के तहत जरूरी फसलों की स्टॉक लिमिट तय की जाए।
- एग्री इनपुट और उपकरण पर जीएसटी शून्य किया जाए।
- एग्रीकल्चर में निवेश करने के साथ ही चावल के निर्यात के प्रोत्साहन दिया जाए।
- फूड, प्रोसेस्ड फूड पर जीरो फीसदी जीएसटी लगे तंबाकू के निर्यात को बढ़ावा दिया जाए।
- क्षेत्रीय स्तर पर हॉर्टिकल्चर फसल को बढ़ावा देने को राष्ट्रीय स्तर के कमोडिटी समूह बनाएं जाएं।

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