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बीसलपुर बांध भरते ही नेताओं की जरूरतों की खुली पोटली, फिर अफसरों की बदलती गई प्राथमिकता

kamlesh sharma

Publish: Aug 22, 2019 18:22 PM | Updated: Aug 22, 2019 18:22 PM

Jaipur

बीसलपुर बांध के ओवरफ्लो होते ही पानी का सप्लाई हिसाब नेताओं के बहीखाते में उलझ गया है।

जयपुर। बीसलपुर बांध के ओवरफ्लो होते ही पानी का सप्लाई हिसाब नेताओं के बहीखाते में उलझ गया है। जलदाय विभाग यह तय नहीं कर पा रहा है कि पहले जनता की सुने या फिर जनप्रतिनिधियों की। पानी बढ़ते ही मालपुरा से लेकर जयपुर तक के नेताओं ने अपनी-अपनी प्राथमिकता तय कर ली है। विधायक गोपाल मीणा ने तो ओवरफ्लो पानी रामगढ़ तक लाने की जरूरत जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। अब यही पत्र जलदाय अफसरों के गले की फांस बन गया है।

वहीं, विधायक रफीक खान का मावठे को भरने के मामले में कदम आगे बढ़ा दिए हैं, जबकि एक दिन पहले तक यही अफसर इसके पक्ष में नहीं थे। जलदाय मंत्री के निर्देश पर कुछ ही घंटे में नौकरशाहों की प्राथमिकता बदल गई। अब यहां हर दिन 15 लाख लीटर पानी पहुंचाया जाएगा। खास यह है कि इस घटनाक्रम के बीच जनता के गुस्से से बचने के लिए अब जयपुर, अजमेर, टोंक शहर में एक सितम्बर से पेयजल सप्लाई बढ़ाने का फैसला कर लिया है।


जयपुर शहर में अब एक घंटा होगी पेयजल सप्लाई, अजमेर-टोंक को होगा फायदा जल्द
जयपुर सहित अजमेर व टोंक मे पेयजल सप्लाई बढ़ेगी। जलदाय विभाग तीनों जिलों में न केवल नियमित सप्लाई करेगा, बल्कि समय भी बढ़ाएगा। बीसलपुर बांध लबालब होने के बाद यह फैसला किया गया है। जयपुर शहर में अब पेयजल सप्लाई एक घंटे होगी, जो अभी तक 30 से 45 मिनट के बीच है। यहां बीसलपुर से सप्लाई 330 एमएलडी की बढकऱ 360 एमएलडी प्रतिदिन हो जाएगी। जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव संदीप वर्मा ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर प्लानिंग की।

वहीं, अजमेर में प्रतिदिन 250 एमएलडी की जगह 315 एमएलडी पानी की सप्लाई होगी। इससे यहां 72 घंटे में एक बार हो रही पेयजल सप्लाई घटकर 48 घंटे रह जाएगी। इस तरह टोंक जिले में प्रतिदिन 45 एमएलडी की जगह 53 एमएलडी पानी मिलेगा। उधर, जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र को हर दिन 42 एमएलडी की जगह 54 एमएलडी पानी सप्लाई किया जाएगा।

एक साल से 30 प्रतिशत कटौती..
पिछले वर्ष अगस्त से 30 प्रतिशत पेयजल कटौती शुरू की गई थी। बीसलपुर बांध में पानी आने के बावजूद झोटवाड़ा, निर्माण नगर, मालवीय नगर, चारदीवारी के कई इलाकों में पानी सप्लाई नहीं बढ़ाई गई। कई बार यहां के लोगों ने पेयजल सप्लाई बढ़ाने को लेकर आंदोलन किया। यह मामला नेताओं के पास पहुंचा। अब ग्रामीण इलाके के साथ शहर में भी बीसलपुर से 30 एमएलडी पानी अतिरिक्त लिया जाएगा। इससे पेयजल की किल्लत दूर होगी। लोगों को अतिरिक्त राहत मिल पाएगी।


विधायकों की होने लगी पानी पर खींचातानी

विधायक: रफीक खान
ये कहा: आमेर के मावठे में भरा जाए पानी

मावठे के लिए बदलेंगे आमेर की सप्लाई का रूट...
अभी यह: ब्रहृमपुरी पंप हाउस से मावठे तक 250 एमएम व्यास की पाइप लाइन डली हुई है। यहां से आमेर तक लाइन जोड़ी गई है। अभी इसी पंप हाउस से नवलखा और बद्रीनाथ पंप हाउस तक हर दिन 25 लाख लीटर पानी पहुंचाया जा रहा है। यहां से आमेर में सप्लाई हो रहा है।

अब यह होगा: ब्रहृमपुरी पंप हाउस से 25 लाख लीटर ही पानी सप्लाई होगा, लेकिन इसमें से 10 लाख लीटर ही आमेर पहुंचेगा। बाकी 15 लाख लीटर पानी मावठे में ले जाया जाएगा। आमेर का बाकी पन्द्रह लाख लीटर पानी के लिए पुरानी चुंगी के पास मानबाग पंप हाउस को शुरू करेंगे।

&मावठे की धार्मिक व पर्यटन के रूप में पहचान है, इसलिए ओवरफ्लो पानी से इसे भर दिया जाए। इसके जरिए न केवल भूजल रिचार्ज होगा। आमेर को फायदा होगा।
-रफीक खान, विधायक

विधायक: गोपाल मीणा
ये कहा: रामगढ़ में लाओ बीसलपुर का पानी

बीसलपुर का पानी आता तो बड़ा हिस्सा भर सकता था
अभी यह: बांध में करीब 17 साल पहले तक कुछ पानी रहा, लेकिन बाद में पूरी तरह सूख गया। इसकी भराव क्षमता 65 फीट गहराई तक है।
इसके भरने के लिए 2648 मिलीयन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी की जरूरत है। जबकि, बीसलपुर बांध से अब तक 1 हजार एमसीएफटी से ज्यादा पानी छोड़ा जा चुका है। यानी, इतने पानी से रामगढ़ बांध का बड़ा हिस्सा भर सकता था।
यह जताई जरूरत: सीएम को लिखे पत्र में ओवरफ्लो पानी को रामगढ़ बांध तक लाने की जरूरत जताई। इससे जमवारामगढ़ इलाके में बड़ी राहत मिलने का तर्क दिया।

पाइपलाइन बिछी हुई, केवल पंपिंग करके पानी आगे बढ़ाना है। रामगढ़ बांध के एतिहासिक महत्व को ध्यान में रखना होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री से चर्चा भी की है
- गोपाल मीणा, विधायक

विधायक: कन्हैयालाल
ये कहा: मालपुरा इलाके के तालाब भरे जाएं
बारिश से भर नहीं पाए मालपुरा क्षेत्र के कई तालाब
अभी यह: मालपुरा, टोडारायसिंह में अपेक्षित बारिश नहीं होने के कारण तालाब नहीं भर पाए। इन तालाबों का पानी सिंचाई व पेयजल के लिए आता रहा है उपयोग।

यह जताई जरूरत: कमांड एरिया में बने इन तालाबों को बीसलपुर बांध से बहाए जा रहे पानी से भरना। इसके जरिए सबसे बड़ा फायदा सिंचाई में होगा। साथ ही पेयजल का भी उपयोग।
यह हो रहा: कलक्टर को इस मामले में पत्र लिखकर तत्काल नहरों के जरिए पानी तालाब तक पहुंचाने के लिए कहा।

बीसलपुर में ओवरफ्लो पानी जयपुर नहीं जा सकता है। हमारे यहां कमांड क्षेत्र में बने तालाबों को भरने के काम आ सकता है, इसलिए कलक्टर को कहा। क्षेत्र को फायदा होगा।
-कन्हैयालाल चौधरी, विधायक

भाजपा विधायक सतीश पूनिया का मंत्री को पत्र..
आमेर विधानसभा से भाजपा विधायक सतीश पूनिया ने जलदाय मंत्री बी.डी. कल्ला को बुधवार को पत्र लिखकर मावठे में बीसलपुर बांध का सरप्लस पानी लाने की जरूरत जताई है। उन्होंने लिखा है कि आमेर विश्व का प्रसिदृध पर्यटन स्थल है तथा मावठा इसकी खूबसूरती और भी बढ़ाता है। पर्यटकों के आने से यहां के निवाससियों का आय का साधन भी है। इस लिहाज से यहां बांध का अतिरिक्त पानी लाना आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने इससे पेयजल सप्लाई बाधित नहीं होने की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत जताई है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही कांग्रेस विधायकों ने इसकी जरूरत जताई और अगले ही दिन पूनिया ने भी पत्र लिख दिया।

हमारे पास भले ही आज जरूरत का पानी आ गया हो, लेकिन हमें दुख और परेशानी की घड़ी नहीं भूलनी चाहिए। पहले फोकस पेयजल पर हो और बहुत ज्यादा अतिरिक्त पानी होने पर ही दूसरे उपयोग में लें। इसे उद्योगों और व्यवसायिक सिंचाई करने वालों से बचाना होगा। पानी को व्यर्थ बहने से रोकने के लिए छोटे-छोटे तालाब बनाया जाए।
-राजेंद्र सिंह, विशेषज्ञ व अध्यक्ष-तरुण भारत संघ