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Bhairon Singh Shekhawat Birth Anniversary : 96 वीं जयंती पर याद किए जा रहे भैरोंसिंह शेखावत, स्मृति स्थल पर होगी प्रार्थना सभा

Nakul Devarshi

Publish: Oct 23, 2019 10:35 AM | Updated: Oct 23, 2019 10:37 AM

Jaipur

Bhairon Singh Shekhawat Birth Anniversary : शेखावत का जन्म 23 अक्टूबर 1923 को जयपुर रियासत के गाँव खाचरियावास में हुआ था। यह गाँव अब राजस्थान के सीकर जिले में है। शेखावत के पिता का नाम देवी सिंह शेखावत और माता का नाम बन्ने कंवर था। गांव की पाठशाला में अक्षर-ज्ञान प्राप्त किया।

जयपुर।

भारत के 11वें उपराष्ट्रपति, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे भैरोंसिंह शेखावत की आज 96वीं जयंती ( Bhairon Singh Shekhawat Birth Anniversary ) है। शेखावत की जयंती पर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों के ज़रिये उन्हें याद किया जा रहा है। जयपुर के विद्याधर नगर में बने शेखावत के स्मृति स्थल पर शाम 5 बजे प्रार्थना सभा का आयोजन होगा जहां राज्यपाल कलराज मिश्रा सहित सरकार के मंत्रियों, राजनितिक दलों के नेताओं और आमजन की मौजूदगी रहेगी। वहीं उनकी स्मृति में जयपुर के ही रविंद्र मंच पर स्वर्गीय सुंदर सिंह भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से वरिष्ठ विधायक सम्मान समारोह रखा गया है। इस कार्यक्रम में भी मुख्य अतिथि राज्यपाल कलराज मिश्र रहेंगे।


गौरतलब है कि शेखावत का जन्म 23 अक्टूबर 1923 को जयपुर रियासत के गाँव खाचरियावास में हुआ था। यह गाँव अब राजस्थान के सीकर जिले में है। शेखावत के पिता का नाम देवी सिंह शेखावत और माता का नाम बन्ने कंवर था। गांव की पाठशाला में अक्षर-ज्ञान प्राप्त किया। हाई-स्कूल की शिक्षा गाँव से 30 किलोमीटर दूर जोबनेर से प्राप्त की, जहां पढ़ने के लिए पैदल जाना पड़ता था।


हाई स्कूल करने के बाद जयपुर के महाराजा कॉलेज में दाखिला लिया ही था कि पिता का देहांत हो गया और परिवार के आठ सदस्यों का भरण-पोषण का भार किशोर कंधों पर आ पड़ा। नतीजतन उन्हें अपने हाथों में हल उठाना पड़ा। बाद में पुलिस की नौकरी भी की। पर उसमें मन नहीं रमा और त्यागपत्र देकर वापस खेती करने लगे।


स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद लोकतंत्र की स्थापना ने आम नागरिक के लिए उन्नति के द्वार खोल दिए। राजस्थान में वर्ष 1952 में विधानसभा की स्थापना हुई तो शेखावत ने भी भाग्य आजमाया और विधायक बन गए। फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखा और सीढ़ी-दर-सीढ़ी चढ़ते हुए विपक्ष के नेता, मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति पद तक पहुंच गए। वे 19 अगस्त 2002 से 21 जुलाई 2007 तक उपराष्ट्रपति पद पर रहे। जबकि 1977 से 1980, 1990 से 1992 और 1993 से 1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री भी रहे। उनका निधन 15 मई 2010 को हुआ।