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यौन कुंठा से ग्रस्त इस हैवान ने अपहरण कर किया कुकर्म और फिर...

Harshwardhan Singh Bhati

Publish: Apr 10, 2016 22:39 PM | Updated: Apr 10, 2016 22:39 PM

Jaipur

यौन कुण्ठा, मर्दानगी पर संदेह तथा मासूम के बड़े पिता से बीसी की राशि को लेकर विवाद। प्रारम्भिक तौर पर इन तीन कारणों के चलते दूर के रिश्तेदार ने अनिल मेघवाल (5) का पहले अपहरण किया और फिर चार-पांच घंटों में ही कुकर्म के बाद गला घोंट उसकी हत्या कर दी थी।

यौन कुण्ठा, मर्दानगी पर संदेह तथा मासूम के बड़े पिता से बीसी की राशि को लेकर विवाद। प्रारम्भिक तौर पर इन तीन कारणों के चलते दूर के रिश्तेदार ने अनिल मेघवाल (5) का पहले अपहरण किया और फिर चार-पांच घंटों में ही कुकर्म के बाद गला घोंट उसकी हत्या कर दी थी।

इतना ही नहीं शव को घर से चार-पांच किमी दूर खेत की खाई में फेंक ऊपर से मिट्टी डाल छुपा दिया था। अपहरण के 30वें दिन शनिवार को शव के अवशेष मिलने के बाद मामले का पर्दाफाश कर दूर के एक रिश्तेदार को रविवार को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) समीर कुमार सिंह के अनुसार बोरानाडा में मेघवाल बस्ती निवासी अनिल (5) पुत्र रमेश मेघवाल के अपहरण व हत्याकाण्ड का पर्दाफाश कर लिया गया है। संदेह के आधार पर शनिवार देर शाम बोरानाडा में रामदेव मंदिर के पास निवासी किशन उर्फ किशिया (23) पुत्र ओमाराम मेघवाल को हिरासत में लिया गया था। सघन पूछताछ में वारदात स्वीकारने पर उसे गिरफ्तार किया गया। वह मृतक के पिता रमेश का दूर का भाई है।

इससे पहले एम्स में मृतक के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया गया। साथ ही डीएनए के सैम्पल भी लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए एफएसएल भेजा जाएगा। शाम को गमगीन माहौल में अवशेषों की अंत्येष्टि कर दी गई।

शराब के नशे में अपनी मर्यादा भी भूला

एसीपी (बोरानाडा) अर्जुन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि गत 11 मार्च की शाम किशन ने आखलिया चौराहे से बीयर की दो बोतलें खरीदकर पी थी। नशे में वह बोरानाडा की मेघवाल बस्ती पहुंचा, जहां घर के बाहर गली में उसने अनिल को दोस्तों के संग खेलते हुए देखा। वह उसे मोटरसाइकिल पर बिठा चलता बना। बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र में चार-पांच घंटे तक घुमाने के बाद रात साढ़े नौ बजे वह अनिल को सालावास रोड के पांच सौ मीटर अंदर सूने खेत में ले गया, जहां कुकर्म के बाद उसकी हत्या कर दी थी।

पहले नहीं उगलवा पाई, बाद में दिखाई सख्ती

अनिल का अपहरण करने का पता लगते ही सभी रिश्तेदार तथा परिचित रमेश मेघवाल के घर आए और ढांढस भी बंधाया, लेकिन रिश्तेदार होने के बाद भी पास ही रहने वाला आरोपी किशन मिलने नहीं आया। इससे पुलिस को उस पर संदेह हुआ और अन्य संदिग्धों के साथ उससे भी थाने लाकर पूछताछ की गई।

लेकिन अपहरण व हत्या के बारे में कुछ नहीं उगलवा पाई। थक-हारकर उसे छोड़ दिया गया। शनिवार को बालक के अवशेष मिलने से संदेह की सूई फिर किशन मेघवाल की तरफ घूमी और उसे दुबारा पकड़ लिया गया। पुलिस ने रविवार सुबह कड़ा रुख अपनाया तब उसने अपहरण, कुकर्म व हत्या करना स्वीकारा।