स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

अब कक्षा कक्ष तक ही सीमित रहेंगे जैमर

MOHIT SHARMA

Publish: Oct 23, 2019 11:15 AM | Updated: Oct 23, 2019 11:36 AM

Jaipur

यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों को दिए निर्देश

जयपुर। देशभर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब परीक्षाओं के दिनों में उन्हें जैमर से परेशानी नहीं होगी। अब जैमर ऐसे लगेंगे की उनकी वजह से कॉलेज और विश्वविद्यालय के बाहर के लोगों के नेटवर्क पर फर्क नहीं पड़ेगा। इसके लिए जैमर का प्रयोग किया गया, जो सफल भी रहा है। आमतौर पर परीक्षा के दिनों में परीक्षा से एक घंटे पहले और एक घंटे बाद तक संस्थाओं में जैमर लगाया जाता है, जिससे लोग परेशान होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब जैमर ऐसे लगेंगे जो विश्वविद्यालय और कॉलेज के कक्षा कक्ष तक ही सीमित होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने हाल ही इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं, ये निर्देश भारत सरकार की जैमर पॉलिसी के तहत दिए गए हैं। परीक्षाओं के दौरान नकल रोकने के लिए विश्वविद्यालय और कॉलेजों में जैमर लगाने की यह शुरुआत 2016 में हुई थी। उसके बाद से लगातार इसका प्रयोग हो रहा है। इससे आमजन को परेशानी होती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

ये है मामला
परीक्षाओं के दौरान नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर अब मनमर्जी से जैमर नहीं लगाए जा सकेंगे। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों को इसकी पालना करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी के सचिव प्रो.रजनीश जैन ने कहा है कि जैमर वहीं लगाए जाएं, जहां सौ मीटर के दायरे में कोई भी मोबाइल टावर (बीटीएस) न हो। यूजीसी ने ऐसे जैमर का इस्तेमाल करने को कहा है, जिसका दायरा सिर्फ परीक्षा कक्ष तक ही सीमित हो।

अब मिलेगी राहत
विश्वविद्यालय और कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं के दौरान जैमर के बढ़ते प्रयोग से उसके आसपास रहने वाले आम लोगों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। जैमर लगने से नेटवर्क जाम हो जाता है, जिससे फोन और इंटरनेट बंद सा हो जाता है। इस संबंध में लोगों ने मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से इसकी शिकायत की। उसके बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और अब यूजीसी ने परीक्षाओं के दौरान ऐसे जैमर लगाने के निर्देश दिए हैं जो सिर्फ कक्षा तक ही सीमित हों।