स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

कैबिनेट सब कमेटी में हुआ बड़ा फैसला, होगा शिक्षा प्राधिकरण का गठन

Firoz Khan Shaifi

Publish: Jan 13, 2020 18:23 PM | Updated: Jan 13, 2020 18:27 PM

Jaipur

प्रदेश की गहलोत सरकार के जन घोषणा पत्र की क्रियान्विति को लेकर सोमवार को कैबिनेट सब कमेटी की बैठक सचिवालय में आयोजित हुई।

जयपुर। प्रदेश की गहलोत सरकार के जन घोषणा पत्र की क्रियान्विति को लेकर सोमवार को कैबिनेट सब कमेटी की बैठक सचिवालय में आयोजित हुई। जलदाय मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में यूडीएच, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सहित आधा दर्जन विभागों के कामकाज की समीक्षा हुई।

बैठक में खास तौर से शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट तैयार करने और खेल नीति अगले 3 महीने में लागू करने का फैसला भी हुआ। बैठक के दौरान मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके बाद प्राधिकरण पेरेंट्स और स्कूलों के बीच में फीस वृद्धि को लेकर होने वाले टकराव सहित अन्य मामलों की निगरानी रखेगा, साथ ही कोचिंग संचालकों पर भी प्राधिकरण के नियम लागू होंगे।


कल्ला ने बताया कि अभी देश के 10 राज्यों में शिक्षा में सुधार के लिए ऐसे प्राधिकरण बने हुए हैं, जिसका अध्ययन किया जाएगा और टीम उसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। कल्ला ने कहा कि प्रदेश में नई खेल नीति लाई जाएगी, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और राज्य स्तरीय खिलाड़ियों के साथ ही विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों से भी सुझाव मांगे गए हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार 3 माह के भीतर खेल नीति लेकर आएगी। कल्ला ने कहा कि जन घोषणा पत्र के वादों को लागू करने के लिए सरकार लगातार विभाग के कामकाज की समीक्षा कर रही है।


बीडी कल्ला ने बताया कि सोमवार को सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के मंत्री के नहीं होने के कारण सोशल जस्टिस के मामलों पर चर्चा नहीं हुई।वहीं, बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, नगरीय विकास और खेल एवं युवा मामलात विभागों से संबंधित जन घोषणा के मुद्दे के बारे में अब तक की गई कार्रवाई के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में समिति के सदस्य कृषि मंत्री लालचंद कटारिया और तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग सहित संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, शासन सचिव मौजूद रहे।

[MORE_ADVERTISE1]