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यह एक अच्छे दोस्त के मरने के जैसा कहकर कर डाली बर्फ के पहाड़ की अंत्येष्टि

Shalini Agarwal

Publish: Sep 23, 2019 10:33 AM | Updated: Sep 23, 2019 10:33 AM

Jaipur

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से खत्म हो रहे स्विस ग्लेशियर पर लोगों ने आयोजित की अंत्येष्टि, श्रद्धांजलि सभा और अर्पित किए श्रद्धासुमन

इस दुनिया में कोई रहे न रहे, उसकी यादें हमेशा रहती हैं। दुनिया से रुखसत होने के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता और उसे श्रद्धासुमन अर्पित किए जाते हैं। ऐसा होना इंसानी दुनिया में सामान्य है लेकिन स्विट्जरलैंड में ग्लोबल वार्मिंग की वजह से खत्म हो रहे एक ग्लेशियर की अंत्येष्टि ऐसा होने से नाराज और दुखी लोगों ने कर डाली। जलवायु कार्यकर्ता काले कपड़ों में समुद्र तल से 2600 मीटर ऊंचे इस ग्लेशियर पर चढ़े और उन्होंने इस मरते ग्लेशियर को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्वी स्विट्जरलैंड के ग्लारुस आल्प्स स्थित पिजोल ग्लेशियर का 80 फीसदी हिस्सा वर्ष 2006 से गायब हो चुका है और यह केवव 26000 वर्ग किमी क्षेत्र में बाकी बचा है। वैज्ञानिकों ने 1987 में जब इसे नापा था, तो यह 3,20,000 वर्ग किमी में फैला हुआ था। माना जा रहा है कि अगले दशक में यह पूरी तरह से गायब हो जाएगा। स्विस एसोसिएशन फॉर क्लाइमेट प्रोटेक्शन से जुड़े अलेस्सेंड्रा डेगिआकोमी के मुताबिक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो अब इसमें ग्लेशियर जैसा कुछ बचा ही नहीं है। पहाड़ की अंत्येष्टि के बाद इसे मृत घोषित कर दिया गया। इस ग्लेशियर पर 1983 से ही वैज्ञानिकों ने नजर बना रखी थी और इसे जल्द ही स्विस ग्लेशियर सर्विलांस नेटवर्क से हटा दिया जाएगा। ईटीएच ज्यूरिख यूनिवर्सिटी में ग्लेशियर एक्सपर्ट माथिआस हुस के मुताबिक, मैं इस पर कई बार चढ़ा हूं। यह एक अच्छे दोस्त के मरने जैसा है। हम पिजोल ग्लेशियर को नहीं बचा सकते लेकिन हमें हर वो चीज करनी चाहिए, जो हम कर सकते हैं, ताकि हम अपने बच्चों और उनके बच्चों को बता सकें कि स्विट्जलैंड में सौ साल पहले एक ग्लेशियर हुआ करता था। गौरतलब है कि इससे पहले बीते अगस्त में आइसलैंड में भी एक पिघल रहे ग्लेशियर की अंत्येष्टि की गई थी। स्विट्जरलैंड में 1500 ग्लेशियर्स हैं और इसी वजह से यहां यहां जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता काफी सक्रिय हो रहे हैं।