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आस मोहम्मद के निर्देशन में ही चल रहा था रिश्वत का खेल

Abrar Ahmad

Publish: Oct 22, 2019 00:53 AM | Updated: Oct 22, 2019 00:53 AM

Jaipur

एसीबी कोर्ट में चालान पेश: रिश्वत का लेन-देन हुआ, मोबाइल रिकॉर्डिंग में सबूत मौजूद, एसीबी ने उसके खिलाफ धारा 7, 7 ए और आइपीसी की धारा 120 बी में अपराध साबित मानते हुए चालान पेश किया है, पुलिस ने कोटा से 23 अगस्त को गिरफ्तार किया था

जयपुर. एसीबी ने सोमवार को तत्कालीन वृत्ताधिकारी झोटवाड़ा आस मोहम्मद के खिलाफ एसीबी कोर्ट जयपुर क्रम एक में चालान पेश किया। एसीबी ने उसके खिलाफ धारा 7, 7 ए और आइपीसी की धारा 120 बी में अपराध साबित मानते हुए चालान पेश किया है। आस मोहम्मद को पुलिस ने कोटा से 23 अगस्त को गिरफ्तार किया था, तब से आस मोहम्मद न्यायिक हिरासत में बंद है। एसीबी ने चार्जशीट में आस मोहम्मद को घूसकांड का मास्टमाइंड बताया है। जांच में बताया कि झोटवाड़ा में गिरफ्तार हुए रीडर बत्तू खां और दलाल को आरोपी आस मोहम्मद के ही निर्देश थे। आस मोहम्मद को घूसकांड की जानकारी ही नहीं थी, बल्कि उनके निर्देशन में यह सब खेल चल रहा था। जांच अधिकारी ठाकुर चन्द्रशील ने रिश्वतकांड के समय की गई रिर्कार्डिंग और अन्य सबूतों से भी इसकी पुष्टि की है।

यह था मामला: रीडर और दलाल हुए थे रंगे हाथ गिरफ्तार

एसीबी ने परिवादी राजवीर की शिकायत पर रीडर और दलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जबकि मामले में आरोपी एसीपी आस मोहम्मद, झोटवाड़ा एसएचओ प्रदीप और उप निरीक्षक रामलाल भाग गए थे। बाद में आरोपी आसमोहम्मद ने हाल ही कोटा में जांच अधिकारी के समक्ष समर्पण किया था। आरोपी राजवीर के खिलाफ दर्ज मुकदमें में नाम हटाने और राजवीर द्वारा दर्ज मुकदमें में कार्रवाई करने के बदले ढाई लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। एसीबी ने एक लाख रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ा था। बाद में जयपुर कमिश्नरेट ने झोटवाड़ा सर्कल की करीब 365 फाइलों की जांच करवाई थी। इनमें 80 फाइलों में गड़बड़ी पकड़ी गई थी।