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सात दिनों में बिकेंगे दो टन चांदी के सिक्के, 25 फीसदी नकली सिक्के बाजार में, खरीदने से पहले जान लें जरूरी बात

Dinesh Saini

Publish: Oct 21, 2019 09:01 AM | Updated: Oct 21, 2019 09:03 AM

Jaipur

दिवाली ( Diwali 2019 ) पर शुभ खरीदारी के लिए लोगों का रुझान चांदी की तरफ भी बढ़ा है। फेस्टिव सीजन में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में चांदी के सिक्कों ( Silver Coins ) की बिक्री 25 फीसदी बढ़ सकती है। फेस्टिव सीजन में चांदी के मिलावटी सिक्के ( Fake Silver Coins ) भी भारी मात्रा में बाजार में आते हैं...

जयपुर। दिवाली ( Diwali 2019 ) पर शुभ खरीदारी के लिए लोगों का रुझान चांदी की तरफ भी बढ़ा है। फेस्टिव सीजन में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में चांदी के सिक्कों ( Silver Coins ) की बिक्री 25 फीसदी बढ़ सकती है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि अगले सात दिनों में दो टन के चांदी के सिक्के बिक सकते हैं। बाजार में पांच ग्राम से लेकर एक किलो तक के चांदी के सिक्कों की डिमांड है। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में चांदी काफी लोकप्रिय है। ज्वैलर्स के पास आने वाले सात दिनों के लिए चांदी के सिक्के और चांदी के बर्तनों का पर्याप्त स्टॉक है। वहीं खरीफ फसलों की आवक शुरू होने से भी चांदी की मांग और बढ़ रही है।

25 फीसदी नकली सिक्के बाजार में
फेस्टिव सीजन में चांदी के मिलावटी सिक्के ( Fake Silver Coins ) भी भारी मात्रा में बाजार में आते हैं। बाजार में अनुमानित 25 फीसदी सिक्के नकली हैं। दरअसल नकली चांदी के सिक्कों में अन्य धातु के अलावा जर्मन सिल्वर की भी मिलावट की जाती है।

असली सिक्कों की ये पहचान
- बीआइएस हॉलमार्क या सर्राफा कमेटी के होलोग्राम वाले चांदी के सिक्के ही खरीदें। अगर चांदी के सिक्कों पर 9999 अंकित नहीं है, तो नकली या मिलावटी हो सकते हैं।
- सिक्कों के किनारों को देखें, असली सिक्कों के किनारे घिसे हुए और धारीदार होंगे, जबकि नकली सिक्कों के किनारे घिसे हुए नहीं होंगे।
- पुराने सिक्के का वजन घिस जाने की वजह से कम हो चुका होगा, जबकि नया सिक्का आम तौर पर निर्धारित वजन का ही होता है।
- पुराना सिक्का मटमैला रंग का होगा, उसमें चमक कम होगी, जबकि नया सिक्का चमकीला होगा।
- असली सिक्के हो हाथ में उठाने पर वह भारी प्रतीत होता है।

बाजार होंगे गुलजार, सोम पुष्य बढ़ाएगा रौनक
दिवाली से पहले शहर में रविवार से रवियोग और शिवयोग के शुभ मुहूर्त में खरीदारी का दौर शुरू हो चुका है। परकोटे के मुख्य बाजार समेत अन्य बाजार पूरी तरह से दुल्हन की तरह सजकर ग्राहकों के लिए स्वागत के लिए तैयार हो चुके हैं। ज्योतिषविदों के मुताबिक दिवाली और धनतेरस से पूर्व खरीदारी के दो महामुहूर्त का आगाज सोमवार को सोम पुष्य नक्षत्र से होगा। सोमवार शाम 5.32 से शुरू होकर मंगलवार शाम 4.40 बजे तक रहेगा। इस दिन भौम मंगल पुष्य नक्षत्र का संयोग भी बनेगा।

दोनों महामुहूर्त में सोने-चांदी के आभूषण, घरेलू उपकरण, साज सज्जा की सामग्री, बही खाते आदि खरीदना चिरस्थायी रहेगा। इस दिन सोना खरीदना अक्षय फलदायी है। वहीं परिवार के लिए समृद्धिकारक है। वहीं मंगलवार को भौम पुष्य के दिन वाहन, भूमि, भवन, मकान की खरीदी शुभता के साथ स्थिरता प्रदान करेगी। सोमवार से दिवाली तक चार दिन सर्वार्थसिद्धि योग रहेंगे। सोमवार को शाम 5.30 के बाद से रात 9 बजे तक और मंगलवार को सुबह 9 से दोपहर डेढ़ और दोपहर तीन से 4.30 बजे तक खरीदारी के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त है।