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21 अहम दवा होंगी महंगी, 50 फीसदी तक बढ़ेंगे दाम

Anoop Singh

Publish: Dec 15, 2019 00:40 AM | Updated: Dec 15, 2019 00:40 AM

Jaipur

एंटीबॉयोटिक, एंटी-एलर्जिक, मलेरिया और विटामिन-सी की दवा

नई दिल्ली.
आम आदमी की जेब की सेहत पर असर पडऩे वाला है। एंटीबॉयोटिक, एंटी-एलर्जिक, मलेरिया और विटामिन-सी की दवाओं के दामों में वृद्धि होने वाली है। केंद्र सरकार ने 21 महत्त्वपूर्ण दवाओं के सिलिंग प्राइस में 50 फीसदी बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। ड्रग प्राइस रेगुलेटर (एनपीएए) ने कहा कि 21 महत्वपूर्ण दवाओं की सिलिंग प्राइस में एक बार में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। सिलिंग प्राइस का निर्धारण सरकार करती है, वैसे दवाओं की कीमत कंपनी द्वारा बाजार के आधार पर किया जाता है।

महंगा हो रहा कच्चा माल
फॉर्मा सेक्टर काफी समय से एनपीएए से कीमत पुनर्निधारित करने की मांग कर रहा था। उनका कहना था कि दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्री महंगी हो गई है, इस लिए दाम बढ़ाने की अनुमति दी जाए। दवा बनाने में कई कच्ची सामग्री चीन से मंगाई जाती है। ट्रेड वॉर के कारण कीमतों में लगभग 200 फीसदी तक उछाल आया है।

स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए जरूरी
एनपीएए की तरफ से कहा गया कि ये सभी महत्वपूर्ण दवाएं हैं। इनका बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और ये दवाएं देश के पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम के लिए जरूरी हैं। दवा बनाने वाली कंपनियों ने कई बार सरकार से इनका प्रॉडक्शन बंद करने की अपील की, जिसे सरकार ने स्वीकार नहीं किया।

ये हैं नियम
नियम के अनुसार दवाओं की कीमत मार्केट के आधार पर तय की जाती है। कॉस्टिंग के आधार पर इसकी कीमत तय नहीं होती है। लेकिन, सरकार ने जरूरी दवाओं के लिए विशेष नियम बनाया है। इसकी उपलब्धता हर जगह है और ये बहुत सस्ती होती हैं।

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