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World Photography Day में पढि़ए एक कमरे के साइज के कैमरे से लेकर एक चिप के साइज तक पहुंचने का रंगीन सफर

Badal Dewangan

Publish: Aug 19, 2019 16:49 PM | Updated: Aug 19, 2019 16:49 PM

Jagdalpur

World Photography Day : आज कैमरा (Camera) हर किसी की जिंदगी का एक अहम हिस्सा (Part of Life) बन चुका है, कैमरे द्धारा किसी भी लम्हें को संजो कर रखा जा सकता है।

 

जगदलपुर. आज हर कोई अपने स्मार्टफोन से सेल्फी लेने का आदि हो चुका है और तो और आज कैमरे पर ही पूरी की पूरी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री (Tv industry) टिकी हुई है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कैमरा की शुरुआत कैसे हुई और इसे किसने बनाया।

कैमरा का इतिहास
बदलते युग के साथ कैमरे के आकार और मॉडल भी बदलते गए और आज बाजार में नई तकनीक से लैस कई प्रकार के कैमरे बाजार में उपलब्ध हैं, करीब 391 बीसी में सबसे पहले कैमरे के बारे में चाइनीज फिलोस्फर मोजी (Chinese philosopher mozi) ने अपनी किताब में इसका जिक्र किया था, लेकिन 11 वीं शताब्दी में अरब के भौतिकशास्त्री Ibn-al-Haytham ने कई तकनीकी जानकारी दी।

पहला कैमरा अब्सकर के रुप में आया
इसके बाद 18वीं सदीं में इमेज को ट्रेस करने के लिए कैमरा अबस्कर का इस्तेमाल होने लगा। आपको बता दें कि पहले कैमरा लगभग कमरे के साइज के होते थे, लेकिन आधुनिकता और बदलते युग के साथ कैमरे के आकार छोटे होते चले गए। साथ ही मॉडल बदलते गए। साल 1816 में निप्से ने कैमरा इमेज से पहली फोटोग्राफ निकाली थी। वहीं कई सालों की रिसर्च के बाद साल 1826 में सर जोसेफ (Joseph Nicephore Niepce) ने कैमरा बनाने में सफलता हासिल की। आपको बता दें कि ये कैमरा किसी भी इमेज को कैप्चर करने में करीब 8 घंटे का समय लेता था।

कैलोटाइप्स ( Calotype Camera) का इस्तेमाल
इसके बाद साल 1839 में लुइस डैगुरे ने पहला प्रैक्टिकल फोटोग्राफिक प्रोसेस बनाया, जिसे उन्होंने डैगुरियोटाइप नाम दिया। वहीं साल 1840 में हैनरी फॉक्स ने कैलोटाइप्स नाम की एक नई प्रोसेस विकसित की, जिसकी मद्द से एक ही पिक्चर की बहुत सारी प्रतियां बनाईं जा सकती थी। इसके बाद साल 1885 में जॉर्ज इस्टमैन (George Eastman) ने पेपर फिल्म बनाने की शुरुआत की। जो कि काम में लेना बेहद सरल और आसान था। वहीं साल 1888 में उन्होंने कोडेक कंपनी खोली, जो कि आगे चलकर काफी प्रसिद्ध हुई।


टीएलआर और एसएलआर (TLR and SLR)
धीरे-धीरे इस कंपनी ने न सिर्फ अमेरिका (America) में अपनी पहचान विकसित की बल्कि पूरी दुनिया में इसे लोगों द्धारा खूब पसंद किया जाने लगा। इसके बाद साल 1928 में पहला रिफ्लैक्स कैमरा के रूप में आया, जो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया। इसके बाद साल 1933 एसएलआर SLR का डिजाइन बनना शुरु किया गया था, जिसमें 127 रॉलफिल्म Roll Films लगी हुई थीं।

Dry Plate Camera And Polaroid Camera
वहीं साल 1954 में जापान की एक कंपनी ने सबसे पहले एक Focus कैमरा बनाया जो कि इमेज में किसी भी व्यक्ति, वस्तु या ऑब्जेक्ट को फोकस आसानी से कर सकता था। साल 1855 में ड्राइ प्लेट्स का इस्तेमाल हुआ, इसके अलावा इन कैमरों के साइज छोटे होने लगे और पॉकेटए हैटए वॉट आदि में लगाए जाने वाले डिटेक्टिव कैमरा का भी अविष्कार किया जाने लगा। वहीं साल 1948 में एडविन लैंड के द्धारा बनाया हुआ एक नया कैमरा भी विकसित किया गया, जिसमें तुरंत पिक्चर्स निकल आते थे।

आधुनिक डिजिटल कैमरा
कोडेक कंपनी के इंजीनियर स्टीवन सैसन ने साल 1975 में एक डिजिटल कैमरा (Digital camera) बनाया, जो कि पहले बनाए गए सभी कैमरे से अलग थे। इनमें फिल्म का इस्तेमाल नहीं होता था। आपको बता दें कि शुरुआत में डिजिटल कैमरों का रिजोलुशन करीब 0.1 मेगा पिक्सल का था और इसका वजन करीब 4 किलोग्राम था, इस कैमरे में जो भी पिक्चर्स और इमेजेस होती थी, पहले कैसेट्स में सेव होती थी और फिर इसके बाद इन्हें टीवी में देखा जा सकता था। इसके बाद साल 1989 में जापान की कंपनी निकॉन ने पहला डीएसएलआर कैमरा लॉन्च किया, जिसके बाद इसे लोगों द्वारा खूब पसंद किया गया। इसके साथ ही डिजिटल कैमरा में कम लागत की वजह से इनका इस्तेमाल फोन में भी किया जाने लगा।

वहीं इसी दौरान साल 2000 में शार्प नाम की कंपनी ने जापान में दुनिया का पहला कैमरा फोन बनाया। इसके बाद साल 2003 में इलैक्ट्रॉनिक कंपनी सोनी एरिक्सन (Sony Ericsson) ने सबसे पहले फ्रंट कैमरा फोन लॉन्च किया और इसके बाद तो हाई रेजोलुशन के कई कैमरे फोन लॉन्च किए गए, वहीं आज बेहद कम ही लोग ऐसे होंगे जिनके बाद शायद कैमरा फोन नहीं हो।

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