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मुठभेड़ के बाद लापता अजय को छुड़ाने सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे किरंदुल, तब पुलिस ने.....

Badal Dewangan

Publish: Sep 17, 2019 12:13 PM | Updated: Sep 17, 2019 12:13 PM

Jagdalpur

अजय की मां के बार-बार निवेदन के बाद स्टॉफ ने आखिरकार मां को अर्जुन से मिलने की इजाजत दी।

जगदलपुर. दंतेवाड़ा केगुमियापाल मुठभेड़ के बाद से गुमशुदा अजय को ढूंढने के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पैदल मार्च कर किरंदूल थाने पहुंचे। पुलिस ने लंबी चर्चा के बाद माना की अजय उनके पास हैं और सलामत है। अजय की मां के बार-बार निवेदन के बाद यहां के स्टॉफ ने आखिरकार मां को अर्जुन से मिलने की इजाजत दी। लेकिन छोडऩे के मामले पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। इधर गांव वालों ने भी अजय को अपने साथ ले जाने की ठान ली है, इसलिए उन्होंने पुलिस से कह दिया है जब तक वे अजय को नहीं छोडेंगे तब तक वह अपने गांव नहीं जाएंगे। सोमवार की शाम से इन सभी ग्रामीणों ने किरंदूल थाने के पास ही सडक़ किनारे एक बाजार शेड पर डेरा डाला है। उनका कहना है कि जब तक वे अजय को नहीं छोड़ेंगे तब तक वे यहीं बैठे रहेंगे।

मुठभेड़ नहीं हत्या हुई
गौरतलब है कि गुमियापाल में शनिवार को हुए मुठभेड़ में दंतेवाड़ा पुलिस ने पांच-पांच लाख के दो माओवादियों को मार गिराने का दावा किया था। लेकिन रविवार को यहां समाजिसक कार्यकर्ताओं की चार सदस्यी टीम जिसमें बेला भाटिया, सोनी सोढ़ी, लिंगाराम कोड़ोपी, हिड़मे पहुंची तो मामला कुछ और ही नजर आया। दरअसल इनकी जांच रिपोर्ट के मुताबिक पांच दोस्त पार्टी करने गए हुए थे। तभी यहां पुलिस जवान पहुंचे और उन्हें मारने लगे। जब वे इन सभी को अपने साथ ले जा रहे थे उसी वक्त अंधेरे में दो लोग फरार हो गए। बचे तीन में से दो पोदिया सोरी और लघु मंडावी को रास्तें में जवानों ने मार दिया। इसे बाद शव को किरंदूल थाने ले गए और वहां से सुबह दंतेवाड़ा अस्पताल ले जाया गया। वहीं इस रिपोर्ट के मुताबिक गांव के एक और युवक को पुलिस अपने साथ रखी है, जिसका नाम अजय है। टीम की सदस्य सेानी सोढ़ी का कहना है कि यहां मुठभेड़ जैसा कुछ नहीं हुआ बल्कि दो युवकों की हत्या हुई है। पुलिस को सहीं एफआईआर दर्ज करनी चाहिए साथ ही अजय को भी जल्द पेश करना चाहिए।

एसपी ने कहा अजय का मजिस्ट्रियल बयान दर्ज
एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि जिस अजय की बात हो रही है, उसे न्यायालय में पेश कर उसका मजिस्ट्रियल बयान हो चुका है। उसने मंगडू को पहचान वाला बताया है। १३ सितंबर की शाम जब वह शौच के लिए गया था तभी उसने पोदिया और लच्छू को अपने साथ सात से आठ हथियारबंद लोगों के साथ मंगडू को मारने की घटना देखने की बात कही है। इसी बीच पोदिया के देखने और मारने के लिए भगाने जैसी बात भी कबूल की है। जब १५ को उसको मंगडू की हत्या की जानकारी उसे लगी तो वो खुद भागकर किरंदूल थाने पहुंचा और बताया कि मंगडू को मारने वाले कौन लोग हैं।

जांच रिपोर्ट सीएम, एसटी-एससी कमीशन और मानवाधिकार आयोग को सौंपेंगे
इधर बेला भाटिया ने कहा कि इस मामले में जो उन्होंने जांच की है, उसमें यह मुठभेड़ नहीं बल्कि हत्या प्रतीत हो रही है। इस रिपोर्ट को लेकर उन्होंने दंतेवाड़ा में शिकायत भी दर्ज कराई है। जिसमें उन्होंने पोदिया व लच्छू को मारने वालों पर ३०२ के तहत हत्या का मामला दर्ज करने की बात कही है। साथ ही कहा कि वे मंगलवार को सीएम से मुलाकात करेंगी और उन्हें भी यह रिपोर्ट सौंपेंगी। इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग, एसटी-एससी कमीशन को इस रिपोर्ट को देकर आवश्यक कार्रवाई करने कहेंगी।

इस मामले को विस में उठाएंगे
बीजेपी के नेता पहुंचे किरंदुल कहा विस में उठाएंगे मामला : इधर उपचुनाव प्रचार से समय निकाल कर बीजेपी नेताओं ने अर्जुन को छुड़ाने पहुंचे ग्रामीणों सेमुलाकात करने किरंदुल पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे मामले की जानकारी लेकर कहा कि वे ग्रामीणों के साथ हैं और वे इस मामले को विस में उठाएंगे।