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शहीदों को श्रद्धांजलि देते बताया पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास, आप भी पढ़ करेंगे वीरों को नमन

Badal Dewangan

Publish: Oct 22, 2019 13:08 PM | Updated: Oct 22, 2019 13:08 PM

Jagdalpur

पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में पूरे देश में आयोजन हुए। थाना प्रभारी ने बताया क्यों मनाया जाता है ये खास दिन

कोण्डागांव. पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सोमवार को फ रसगांव पुलिस ने सराहनीय पहल करते हुए फरसगांव थाना क्षेत्र के देश के लिए शहीद हुए जवानों को पुलिस व प्रशासन की ओर से श्रृद्धांजलि दी गई। फरसगांव के आदर्श विद्यालय एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पुलिस बल उन बहादुर पुलिस वालों की याद में इस दिवस का आयोजन किया जाता हैए जिन्होंने जनता एवं शांति की रक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया उन अमर शहीदों के बलिदान की गाथा एवं उनके गौरवपूर्ण यात्रा के बारे में स्कूली बच्चों को बताया।

पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास
हर वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। पुलिस स्मृति दिवस के महत्व के बारे में सीआरपीएफ की बहादुरी का एक किस्सा है, गौरतलब है कि आज से 55 वर्ष पहले 21 अक्टूबर 1959 में लद्दाख में तीसरी बटालियन की एक कम्पनी को भारत तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए लद्दाख में तैनात किया गया था। कम्पनी को टुकडिय़ों में बांटकर चौकसी करने को कहा गया। जब बल के 21 जवानों का गश्ती दल गश्त कर रहा था। तभी चीनी फज के एक बहुत बड़े दस्ते ने इस गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया। तब बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया। मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते हुए 10 शूरवीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। हमारे बल के लिए व हम सबके लिए यह गौरव की बात है कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के इन बहादुर जवानों के बलिदान को देश के सभी केन्द्रीय पुलिस संगठनों व सभी राज्यों की सिविल पुलिस द्वारा पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस दौरान उपनिरीक्षक चंदन मरकाम सहा उपनिरीक्षक विश्वजीत मेश्राम, तरुण माईती, सुमन भगत, आसमान मरकाम व अन्य मौजूद थे।