स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

100 साल बाद धनतेरस पर शुक्र प्रदोष, धन त्रयोदशी का बन रहा महासंयोग, इस प्रकार प्रभावी रहेगा मुहूर्त

Badal Dewangan

Publish: Oct 23, 2019 13:04 PM | Updated: Oct 23, 2019 13:04 PM

Jagdalpur

सोम और मंगल पुष्य नक्षत्र में भी बाजारों में जमकर खरीददारी हुई है। धनतेरस के महासंयोग पर भी ऐसी ही उम्मीद की जा रही है।

 

 

जगदलपुर. धनतेरस भगवान विष्णु के अंशावतार और देवताओं के वैद्य भगवान धनवंतरि का प्राकट्य पर्व कार्तिक कृष्णपक्ष त्रयोदशी २५ अक्टूबर को मनाया जाएगा। 100 साल बाद धनतेरस में महासंयोग बन रहा है। इस दिन स्वास्थ्य के देवता भगवान धनवंतरी की जयंती भी है। धनतेरस के दिन शुक्रवार को शुक्र प्रदोष भी रहेगा। जिस कारण शुक्र प्रदोष और धन त्रयोदशी का महासंयोग बन रहा है। वहीं इस दिन ब्रम्ह व सिद्धि योग भी बन रहा है।

Read More: इस खेल में पुलिस अधीक्षक को पटखनी देने वाला कोई और नहीं, जिले के कलक्टर हैं, जानिए फिर क्या हुआ

इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में जमकर खरीदी हुई
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसा महासंयोग १०० साल के बाद दोबारा बन रहा है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए उत्तम रहेगा। मंगलवार को मंगल पुष्य नक्षत्र में भी बाजार में जमकर खरीदारी हुई। मंगल पुष्य नक्षत्र में सराफा, आटोमोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में जमकर खरीदी हुई है।

इस प्रकार रहेगा धनतेरस में मुहूर्त
पूजा मुहूर्त शाम7.06 से रात 8.16 बजे तक
प्रदोष काल शाम 5.39से रात 8.14 बजे तक
वृषभ काल शाम 7 बजे से रात 8.56 बजे तक