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सीबीआई बीजापुर में ही खंगालती रही दस्तावेज, बयान देने एडसमेटा में इंतजार करते रहे आदिवासी

Badal Dewangan

Publish: Jul 19, 2019 12:45 PM | Updated: Jul 19, 2019 12:45 PM

Jagdalpur

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के निर्देश पर बीजापुर के एडसमेटा बयान दर्ज करने आई सीबीआई (CBI Team) की टीम नहीं पहुंची एडसमेटा दिनभर बीजापुर में ही मुठभेड़ (Encounter) से जुड़े दस्तावेजों (Documents) को खंगालने में जुटी रही।

जगदलपुर. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बीजापुर के एडसमेटा कथित मुठभेड़ मामले में ग्रामीणों का बयान दर्ज करने आई सीबीआई की टीम गुरुवार को एडसमेटा नहीं पहुंच सकी। सीबीआई की टीम दिनभर बीजापुर में ही मुठभेड़ से जुड़े दस्तावेजों को खंगालने में जुटी रही। जबकि याचिकाकर्ता, वकील, समाजसेवी व पत्रकारों का दल एडसमेटा की ओर रवाना हो गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जबलपुर से सीबीआई की टीम एडसमेटा जांच के लिए गुरुवार को बीजापुर पहुंची। सीबीआई की टीम को एडसमेटा पहुंचकर करीब 80 ग्रामीणों का बयान दर्ज करना है।

मामले से जुटे दस्तावेजों की जांच का रही है
पहले दिन टीम ने छह साल पुराने मामले को लेकर एसपी कार्यालय में ही केस से जुड़े सारे दस्तावेजों को खंगाला। दिनभर चली प्रक्रिया के चलते टीम गुरुवार को एडसमेटा तक नहीं पहुंच सकी। जबकि याचिकाकर्ता डिग्री प्रसाद हाईकोर्ट से आए वकील किशोर नारायण, समाजसेवी सोनी सोढ़ी व पत्रकारों का दल एड्समेटा के लिए रवाना हो गया। इधर एडसमेटा जाने से पहले गंगालूर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए याचिकाकर्ता डिग्री प्रसाद ने कहा कि आशंका है कि पुलिस जांच को प्रभावित कर सकती है। वहीं एसपी दिव्यांग पटेल ने बताया कि सीबीआई की टीम से मुलाकात हुई है। सीबीआई इस मामले से जुटे दस्तावेजों की जांच का रही है। पुलिस जांच के लिए आई टीम को पूरी सुरक्षा दे रही है। एडसमेटा मुठभेड़ मामले की जांच के लिए बीजापुर पहुंची सीबीआई की टीम ने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया है। पांच सदस्यों वाली जांच टीम का नेतृत्व महिला अधिकारी सारिका जैन कर रही हैं।

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2013 में हुई थी मुठभेड़, 8 लोगों की हुई थी मौत
बता दें साल 2013 में 17 मई की रात गंगालूर थाना क्षेत्र के एडसमेटा गांव में हुए मुठभेड़ में 3 नाबालिग समेत 8 ग्रामीणों की मौत हो गई थी। वहीं इसमें एक जवान भी शहीद हो गया था। घटना को लेकर एडसमेटा के ग्रामीणों ने फोर्स पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने कहा था कि गांव में बीज पंडुम मनाने के लिए ग्रामीण वहां एकत्रित हुए थे। इसी बीच सीआरपीएफ के जवान वहां पहुंचे और ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी। इसमें 3 नाबालिग बच्चों सहित 8 ग्रामीणों की मौत हो गई। घटना को लेकर एसआईटी जांच के आदेश दिए गए थे। लेकिन जांच की सुस्त गति के चलते जांच पूरी नहीं हो पाई है और जांच अब भी अधूरा है। वहीं इस मामले को लेकर डिग्री प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 3 मई को राज्य के बाहर के सीबीआई कैडर से जांच करने का आदेश दिया था।

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