स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

नक्सल समस्या को दरकिनार कर बस्तर के ये युवा यहां की खूबसूरती को इस तरह पहुंचा रहे देश विदेश तक, और.....

Badal Dewangan

Publish: Feb 14, 2020 12:00 PM | Updated: Feb 14, 2020 12:00 PM

Jagdalpur

बस्तर के इन युवाओं का प्यार है फोटोग्राफी, यहां की खूबसूरती को पहुंचा रहे देश विदेशों तक

जगदलपुर. 14 नवंबर को देश दुनिया के लोग वेलेंटाइन डे मनाते हैं। इस मौके पर वह अपने प्रेमी व प्रेमीका से अपनी मोहब्बत का इजहार करते हैं। लेकिन बस्तर में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इस मायने को बदलकर रख दिया है। इनके इस प्रयास से न केवल उनकी चाहत पूरी हो रही है बल्कि देश दुनिया में बस्तर की छवि भी बदल रही है। दरअसल शहर के युवा अंजार नबी और जीत सिंह आर्य यह ऐसे लोग हैं जिनका पहला प्यार फोटोग्राफी है। माओवाद के नाम से बदनाम बस्तर का एक पक्ष यहां की खूबसूरत वादियां, वॉटरफाल और गुफाएं भी हैं। जिसकी खूबसूरत फोटोग्राफी कर ये बस्तर की छवि माओवाद से बदलकर प्राकृतिक सौंदर्यता की तरफ पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं यह अपनी अनएक्सप्लोर्ड बस्तर नाम के पेज के जरिए बाहर से बस्तर की खूबसूरती देखने आए लोगों बस्तर की संस्कृति से भी परिचित करवाते हैं।

[MORE_ADVERTISE1]नक्सल समस्या को दरकिनार कर बस्तर के ये युवा यहां की खूबसूरती को इस तरह पहुंचा रहे देश विदेश तक, और.....[MORE_ADVERTISE2]

अंजार नबी
फोटोग्रॉफी का जुनून, देश दुनिया को बता रहे बस्तर की खूबसूरती के बारे में
शहर के जाने माने फोटोग्राफर अंजार नंबी पहले हैदराबाद में आईटी कंपनी मेें नौकरी करते थे। लेकिन फोटोग्राफी और अपनी मिट्टी से दूर रहना उन्हें हमेशा खलता था। यही वजह रही की लाखों का पैकेज छोडक़र वे बस्तर लौट आए और अपनी फोटोग्राफी की चाहत पूरी करना शुरू कर दिया। धीरे धीरे उन्होंने बस्तर की खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद करना शुरू किया। इसके बाद इन फोटो को देश दुनिया तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। आज इनके फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफार्म में हजारों की संख्या में फॉलोअर्स हैं। इतना ही नहीं जब इनके कांटेक्ट बढऩे लगे तो उन्होंने सोचा कि बस्तर की छवि को बदलकर इसकी पहचान अब खूबसूरती बताने के लिए यहां फोटोग्राफी कॉम्पीटिशन भी शुरू कराई। इसमें देश और विदेश के दिग्गज फोटोग्राफर ने भाग भी लिया। जिन्होंने दलपत सागर, चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर गुफा और ग्रामीण इलाकों की फोटोग्राफी की थीम भी रखी। जिससे अब धीरे धीरे ही सही लेकिन बस्तर के की माओवाद वाली छवि बदल रही है। अपने इसी काम के लिए वे कई राज्य और राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता भी जीत चुके हैं।

[MORE_ADVERTISE3]नक्सल समस्या को दरकिनार कर बस्तर के ये युवा यहां की खूबसूरती को इस तरह पहुंचा रहे देश विदेश तक, और.....

शकील रिजवी
देश-विदेश से आए पर्यटकों को बस्तर की संस्कृति के बारे में दे रहे जानकारी
बस्तर की शानदार वादियों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद जब वे बस्तर पहुंचते हैं तो यहां आदिवासी संस्कृति को जानने की चाहत उनमें सबसे अधिक होती है। ऐसे में बस्तर के आदिवासी संस्कृति को करीब से जानने वाले और उनके बीच रहने वाले शकील रिजवी उनकी परेशानियों को दूर करने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। शकील पिछले एक डेढ़ दशक से बस्तर के आदिवासियों के बीच रह रहे हैं। फोटोग्राफी के साथ वे बस्तर ट्राइबल होम स्टे के नाम से संस्था भी चलाते हैं। जिसमें पर्यटकों को वे आदिवासियों के बीच न केवल रहने देकर उनकी संस्कृतियों के बारे में जानकारी देते हैं। वे इनकी कलाओं और कामों से भी अवगत करवाते हैं। जिसकी वजह से विदेशी सैलानी इनके पास बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

नक्सल समस्या को दरकिनार कर बस्तर के ये युवा यहां की खूबसूरती को इस तरह पहुंचा रहे देश विदेश तक, और.....

जीत सिंह आर्य
बस्तर की संस्कृति और खूबसूरत जगहों की जानकारी आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाने में कर रहे मदद
बस्तर में खूबसूरत जगहों और यहां की संस्कृति के बारे में आने वाली पीढिय़ों तक जानकारी पहुंचाने के लिए नौजवान जीत सिंह आर्य लंबे समय से काम कर रहे हैं। फोटोग्राफी के साथ जीत बस्तर में आने वाले पर्यटकों को यहां की खूबसूरती को करीब से बताने के लिए यहां आए पर्यटकों को पर्यटन स्थलों के करीब रूकाने और इनके लिए व्यवस्था भी करते हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय खाने का स्वाद भी उपलब्ध कराते हैं। इससे स्थानीय काफी लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। इतना ही नहीं वे बस्तर की ऐसी खूबसूरत जगहों के बारे में बस्तर के लोगों को जानकारी देकर उन्हें गाइड के तौर पर तैयार करने की भी कोशिश कर रहे हैं। ताकि वे रोजगार से जुड़ सकें।

नक्सल समस्या को दरकिनार कर बस्तर के ये युवा यहां की खूबसूरती को इस तरह पहुंचा रहे देश विदेश तक, और.....