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हे भगवान-रोड को भी नहीं छोड़ा प्लाट बनाकर बेच दिया

Krishna Singh

Publish: Aug 17, 2019 21:17 PM | Updated: Aug 17, 2019 21:17 PM

Itarsi

जेल गए एआरआई संजीव श्रीवास्तव का एक और कारनामा आया सामने
-कोडिय़ों के दाम बेच दिए प्लॉट
- 22 एमआईजी के बीच रोड को 7ए और 8ए प्लॉट बनाकर बेचे
- ९० लाख के प्लॉट ८० हजार में बेचे

इटारसी। फर्जी रजिस्ट्री का मामला अभी चल ही रहा था कि दूसरा मामला सामने आया गया है। पुलिस कॉलोनी के सामने पत्ती बाजार में नगर सुधार न्यास द्वारा बनाई गई 22 एमआइजी कॉलोनी में एमआईजी भवनों के बीच की रोड को प्लॉट बनाकर बेच दिया गया है। यह प्लॉट भी एआरआई संजीव श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से बेचे गए हैं।
खाली प्लॉटों को 7ए और 8ए का नाम देकर से रजिस्ट्री कर दी गई। खास बात यह है कि इसमें 2013 से लेकर लगातार शिकायत की जाती रही लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आवंटित किए गए भूखंडों की गाइड लाइन के हिसाब से कीमत 76 लाख रुपए होती है लेकिन इन प्लॉटों को कोडिय़ों के दाम पर बेच दिया गया है।

यह है पूरा मामला
नगर सुधार न्यास द्वारा स्वयं वित्तीय योजना के तहत सब्जी मंडी में पुलिस कॉलोनी के सामने 22 एमआईजी कॉलोनी विकसित की थी। इसमें हर एमआईजी 30/50 मतलब पंद्रह सौ स्क्वेयर फीट के थे। इसमें दो एमआईजी भवन क्रमांक 7 और 8 सुरेश पिता मंगूमल नंदवानी और उनकी पत्नी आशा सुरेश नंदवानी ने खरीदे थे। दोनों एमआईजी मिलाकर कुल क्षेत्रफल 3 हजार वर्गफुट है लेकिन नंदवानी ने पास ही खाली पड़ी जमीन पर कब्जा कर 45 सौ स्क्वेयर फीट पर भवन बना लिया है। इसकी शिकायत निर्माण के समय 2013 से वर्तमान तक लगातार की गई। शिकायत तत्कालीन कमिश्नर, कलेक्टर, एसडीएम और मुख्य नगरपालिका अधिकारी को शिव भारद्वाज द्वारा की गई थी। शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं और इस बीच रोड के लिए छोड़ी गई जगह को 7ए और 8ए के नाम से सेलडीड, लीजडीड करवा ली।

ऐसे समझ सकते हैं पूरा गुणा-भाग
-दोनों प्लॉटो का रकबा 1225 और 1122 वर्ग फीट है।
- प्लॉट 7ए आशा नंदवानी पति सुरेश नदवानी के नाम से है। रजिस्ट्री में 10.67 गुणा 10.67 यानी कि 113.84 स्क्वेयर मीटर है जिसकी कुल कीमत 39 लाख 84 हजार 400 रुपए है और इसकी प्रीमियम राशि 40 हजार रुपए दर्शायी गई है। उप पंजीयक कार्यालय में इसकी रजिस्ट्री 4 मार्च 2017 को की गई।
- इसी तरह प्लाट नंबर 8ए को 15.18 गुणा 20.13 कुल 104.27 स्क्वेयर मीटर बताकर रजिस्ट्री की गई है। जिसकी कुल कीमत 36 लाख 49 हजार 450 रुपए दर्शाकर 40 हजार रुपए प्रीमियम राशि ली गई है। यह रजिस्ट्री सुरेश नदंवानी के नाम पर है। दोनों ही रजिस्ट्री में नगरपालिका की ओर एआरआई संजीव श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से हुई है। रजिस्ट्री में फोटो भी लगा हुआ है।

इस मामले की जानकारी सीएमओ द्वारा दी गई थी। शिकायत के बाद सीएमओ द्वारा जांच कराई गई है। जांच के बाद आशा नंदवानी पत्नी सुरेश नंदवानी और सुरेश नंदवानी पिता मंगूमल नंदवानी को सीएमओ की ओर से दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया है। यदि रजिस्ट्री लेकर आते हैं तो रजिस्ट्री करने वाले के खिलाफ मामला दर्ज होगा और यदि नहीं होती है तो अतिक्रमण मानते हुए इसे तोड़ा जाएगा।
हरेंद्र नारायण, एसडीएम इटारसी

 

यह है बड़े सवाल
- यदि नगर पालिका में रजिस्ट्री की जानकारी नहीं है तो नक्शा कैसे पास हो गया।
- कॉलोनी का मूल लेआउट प्लॉन ही रजिस्ट्री में नहीं लगाया गया है।
- इस मामले में लगातार शिकायत की जाती रही। शिकायत के दौरान सब इंजीनियर मुकेश जैन भी इसकी जांच करने आ चुके हैं। सब इंजीनियर जैन सुधार न्यास के समय से इंजीनियर है तो क्या उन्हें यह बात पता नहीं है कि यहां रोड थी।

यह भी है सवाल
- इसमें एआरआई संजीव श्रीवास्तव के साथ सर्विस प्रोवाइडर कौन था।
- प्रीमियम राशि जो दर्शायी गई है वह राशि नपा में जमा हुई हैं कि नहीं।
- इस मामले में भी उप पंजीयक ने मुकाए मुआयना किए बगैर ही रजिस्ट्री करा दी।

यह हुआ है इसमें
- प्लॉट बनाकर रोड की जगह बेचे गए दोनों प्लॉट गाइड लाइन के अनुसार करीब ९० लाख रुपए के हैं। जबकि इन्हें ४०-४० हजार रुपए के प्रीमियम पर बेच दिया गया।
- बाकी प्लॉट जब यहां १५०० स्क्वेयर फीट है तो ७-ए का रकबा 1225 और ८-ए का 1122 है जो बाकी प्लॉटों की तुलना में अलग साइज है।
- इस मामले में किसने एआरआई संजीव श्रीवास्तव को अधिकृत किया था।