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पीएम आवास योजना एलआईजी नपा नहीं कर सकती नीलाम

Krishna Singh

Publish: Aug 05, 2019 11:57 AM | Updated: Aug 05, 2019 11:57 AM

Itarsi

- नीलामी से बेचने की तैयारी में थी पीएम आवास योजना के एलआईजी

इटारसी. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आजाद नगर में बन रहे एलआईजी को नगर पालिका ने नीलाम करने की तैयारी कर ली थी। नगर पालिका लेकिन ऐसा कर नहीं पाएगी। दिल्ली से आए अधिकारियों ने इसका खंडन किया है कि ऐसे तो शहर में आम लोगों को मकान ही नहीं मिल पाएंगे।

तत्कालीन सीएमओ अक्षत बुंदेला ने बताया था कि एलआइजी आवासों का ऑक्शन होगा। ऑक्शन से जो अतिरिक्त राशि मिलेगी उसे ईडब्ल्यूएस में सब्सिडी के रूप में उपयोग किया जाएगा। इससे गरीब हितग्राही को कम से कम लोन दिलाना पड़ेगा क्योंकि इडब्ल्यूएस के लिए ३ लाख रुपए मिल रहे हैं जबकि इसमें खर्च डबल हो रहा है। आखिर पैसे तो गरीबों परिवार से ही लेना है।

- योजना के तहत यह था प्रस्तावित
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 840 मकान स्वीकृत हुए थे। इसमें 648 ईडब्ल्यूएस मकान और 192 एलआईजी मकान स्वीकृत हुए हैं। कुल लागत 68 करोड़ 94 लाख 29, 569 रुपए लगेगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया हो गए है।
- प्रियदर्शनी नगर न्यास कॉलोनी में 264 ईडब्ल्यूएस भवन एवं 64 एलआईजी भवन एवं अधोसंरचना विकास।
- आजाद नगर सब्जी मंडी में 144 ईडब्ल्यूएस भवन एवं 32 एलआईजी भवन का निर्माण एवं अधोसरंचना विकास।
-बैंक कॉलोनी में 240 ईडब्ल्यूएस भवन एवं 96 एलआईजी भवन निर्माण एवं अधोसंरचना विकास।

बाद में यह हो गया
- बैंक कॉलोनी जगह नपा को मिली नहीं क्योंकि मामला कोर्ट में है बाद में नपा ने प्रियदर्शिनी नगर में १०० ईडब्ल्यूएस और आजाद नगर में ५३ एलआईजी बनाने का निर्णय लिया। इस पर काम चल रहा है।
- एलआईजी का ऐसा रहेगा स्वरूप
आजाद नगर में बन रहे एलआईजी आवासों का स्वरूप बहुमंजिला होगा। यहां छह मंजिला आवास बनाए जाएंगे। इसमें लिफ्ट होगी, नीचे पार्किंग और १६ दुकानें होंगी। दुकानों को नीलाम किया जाएगा। निर्धारित योजना के तहत उपभोक्ता के एलआईजी की कीमत ९ लाख ४० हजार रुपए रखी थी। जो ऑक्शन में नपा १५ से २० लाख रुपए में बेचने की तैयारी में थी। खास यह है कि इतनी राशि में तो शहर की लक्जरी कॉलोनी में मकान मिल सकते हैं और बैंक से फायनेंस भी हो सकता है।

एपी प्रसाद, चीफ इंजीनियर शहरी विकास मंत्रालय दिल्ली से सीधी बात
सवाल- क्या योजना में ऐसा नियम है कि मल्टीस्टोरी में आवास हो।
जवाब- जगह नहीं है तो ऐसा ही करना एक मात्र रास्ता है।
सवाल- ग्राउंड लेवल पर दुकानें बनाई जा रही है।
जवाब- हां कर सकते हैं इससे मकानों को बनाने में लगने वाली लागत निकल सके।
सवाल- आजाद नगर में बन रहे आवासों को नीलाम करने की योजना है।
जवाब- ऐसा संभव नहीं है योजना सबके लिए आवास की है। इसमें आम परिवार जिनके पास स्वयं का घर नहीं है उन्हें आवास उपलब्ध कराना है। यदि आवासों की नीलामी की जाएगी तो आम परिवार आवास ही नहीं ले पाएंगे।