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इस शहर की एक दर्जन गलियों को जाना जाता है स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के नाम से

poonam soni

Publish: Aug 16, 2019 11:15 AM | Updated: Aug 16, 2019 11:15 AM

Itarsi

जिले का नहीं प्रदेश का एकमात्र कार्यालय, जहां लगाई गई स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों की तस्वीरें

अमित बिल्लौरे/सोहागपुर. शहर के नगर परिषद सीएमओ का कार्यालय संभवत: जिले ही नहीं प्रदेश का वह एकमात्र कार्यालय होगा, जहां स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों की तस्वीरें लगाई गई हैं। यह कार्य पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अभिलाष सिंह चंदेल द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान कराया गया था। यहां तक कि उन्होंने शहर की करीब एक दर्जन चर्चित गलियों के नामकरण भी स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के नाम पर कराए थे। प्रभारी सीएमओ आरजी चौबे ने बताया कि नप सीएमओ कार्यालय में दीवार पर क्षेत्र के आठ स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों की तस्वीरें लगी हैं। पूछताछ में पूर्व नप अध्यक्ष अभिलाष सिंह चंदेल ने बताया कि शहर की खास गलियों के नाम भी वर्ष 2008-09 के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के नाम पर रखे गए थे। इधर नागरिकों का कहना है कि वे पत्थर जो गलियों में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के नाम पर लगाए गए थे, कई स्थानों पर असुरक्षित हैं। उनकी सुरक्षा का कार्य निकाय द्वारा किया जाना चाहिए। क्योंकि ये नाम ही तो सोहागपुर क्षेत्र की पुरातन धरोहर हैं, जिन्हें बार-बार पढ़कर अपने क्षेत्र के पूर्वजों से अंजान आज की पीढिय़ां उनके बारे में जानकारी रख सकती है।

 

सीएमओ कार्यालय में लगी तस्वीरें हमारे क्षेत्र की पहचान हैं, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर देश की स्वतंत्रता के लिए कार्य किया। सोहागपुर नगर परिषद कार्यालय अन्य शासकीय कार्यालयों के लिए एक मिसाल है।
-संतोष मालवीय, अध्यक्ष नगर परिषद सोहागपुर।

 

अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को एक विशिष्ट स्थान दिलाने का मेरा प्रयास था। मैं इस कार्य को करने में परिषद व प्रशासन के सहयोग से सफल रहा। अपेक्षा है कि सैनानियों का सम्मान कार्यालय में व गलियों में बरकरार रहे।
- अभिलाष सिंह चंदेल, पूर्व अध्यक्ष, नगर पंचायत सोहागपुर।

 

इनकी लगी तस्वीरें
सीएमओ कार्यालय में जिन स्वतंत्रता ंसंग्राम सैनानियों की तस्वीरें लगी हुई हैं, उनमें नर्मदा बाई अग्रवाल, प्रेमशंकर तिवारी, ठाकुर प्रतापभानु सिंह चौहान, सुखदेव प्रसाद तिवारी, हजारीलाल जैन, धनराज कतिया, तुलसीराम मालवीय, सैयद अहमद मूसा के नाम शामिल हैं। चंदेल ने बताया कि इतने ही सैनानियों की तस्वीरें उपलब्ध हो पाई थीं, जिन्हें ससम्मान कार्यालय में स्थान दिया गया था।