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Amazon और Flipkart से देश के कारोबारी परेशान, त्योहारों में 60 फीसदी गिरी बिक्री

Manish Ranjan

Publish: Oct 19, 2019 17:32 PM | Updated: Oct 19, 2019 17:34 PM

Industry

  • ऑफलाइन कारोबार बुरी तरह प्रभावित
  • CAIT ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में अमेजन और फ्लिफकार्ट की लगातार बढ़ती सेल से देश के कारोबारी परेशान हैं। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स एफडीआई पालिसी के नियमों का हवाला देते हुए लगातार इन कंपनियों को घेरने की कोशिश में लगी हुई हैं। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल कहा है की अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट की अनैतिक व्यावसायिक पद्दति के कारण कारण दिवाली तक देश भर में लगभग 40 हजार मोबाइल दुकाने बंद होने के कगार पर हैं वहीँ एफएमसीजी , इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, गिफ्ट आइटम्स, गारमेंट्स, घड़ियाँ, फुटवियर जैसे अन्य व्यापारिक क्षेत्रों का व्यापार अक्टूबर महीने में करीब 30 से 40 फीसदी तक गिर गया है। वही मोबाइल में यह व्यापार 60 प्रतिशत तक गिरा है। कैट ने कहा की यदि सरकार ने इस ओर ध्यान देते हुए शीघ्र ही कार्रवाई नहीं करी. तो देश का रिटेल व्यापार काफी हद तक बुरी तरह से प्रभावित होगा और देश भर के व्यापारी वर्ग में हाहाकार मच जाएगा ।

ऑफलाइन कारोबार चौपट

कैट के मुताबिक जब देश का ऑफलाइन व्यापार इन दोनों कंपनियों के अनैतिक व्यापारिक मॉडल से बुरी तरह त्रस्त हो गया है और इन कंपनियों द्वारा लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचने, भारी डिस्काउंट देने तथा इन दोनों कंपनियों द्वारा अपने विक्रेताओं को नुक्सान की भरपाई करने के सबूत कैट ने श्री गोयल एवं मंत्रालय के अधिकारियों को दे दिए हैं , लिहाजा कैट ने मांग की है वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अपने वक्तवय के अनुरूप अब इन कंपनियों पर तुरंत कार्रवाई करें।

कम्पटीशन कमीशन ऑफ़ इंडिया पहुंचे देश के कारोबारी

इस मुद्दे को लेकर कैट का एक प्रतिनिधिमंडल आज कम्पटीशन कमीशन ऑफ़ इंडिया पहुंचा और कमीशन के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार गुप्ता से एक मीटिंग में ऑनलाइन कंपनियां किस तरह से देश के व्यापार को अनैतिक प्रतिस्पर्धा के जाल में फंसा रही है और किस प्रकार से ये कंपनियां अपने निवेशकों की मदद से बेहद हानि होते हुए भी गत अनेक वर्षों से अपने बिज़नेस मॉडल को चलाये हुए हैं पर विस्तृत बातचीत की और देश में एक निष्पक्ष बाज़ार स्थापित करने में कमीशन के हस्तक्षेप का अनुरोध किया ! इस मीटिंग में कमिशन की आर्थिक सलहाकार श्रीमती पायल मालिक भी मौजूद थी । अशोक कुमार गुप्ता ने कैट प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए कहा की आयोग देश में एक समान व्यापारिक वातावरण स्थापित करने के लिए प्रतिबध्द है और यदि कोई भी किसी भी तरीके से कीमतों को प्रभावित करते हुए अस्वस्थ व्यापारिक पद्दति अपनाता है तो कमीशन इस बारे में आवश्यक कार्रवाई करेगा ! कैट द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों पर उन्होंने कमिशन के अधिकारीयों को अध्ययन करने का आदेश दिया और उसके बाद कमीशन तय करेगा की किसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए ।