स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

पिछले 5 सालों में मोबाइल डेटा कंपनियों की आय में हुई ढाई गुना बढ़ोतरी, 95 फीसदी घटे दाम

Shivani Sharma

Publish: Aug 22, 2019 13:32 PM | Updated: Aug 22, 2019 13:33 PM

Industry

  • 5 साल में डेटा के दाम में 95 फीसदी की गिरावट आई
  • कंपनियों की आय में लगभग ढाई गुना तक की बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली। देश में मोबाइल डेटा की कीमत में पिछले 5 सालों में भारी गिरावट देखी गई है, जबकि मोबाइल डेटा के यूज की बात करें तो बाजार में उसकी डिमांड में काफी तेजी आई है। पिछले पांच साल के डाटा के मुताबिक मोबाइल डेटा की कीमत में 95 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है, जिसके बाद मोबाइल डेटा के दाम 11.78 रुपये प्रति जीबी रह गए हैं। वहीं, अगर हम इस दौरान दूरसंचार आपरेटरों की कुल आय की बात करें तो उसमें ढाई गुना तक की वृद्धि देखी गई है।


ट्राई ने जारी की रिपोर्ट

आपको बता दें कि इस समय ऑपरेटरों की आय बढ़कर 54,671 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान देश में डेटा का उपभोग 56 गुना बढ़कर 2018 में 4,640.4 करोड़ जीबी पर पहुंच गया, जो 2014 में 82.8 करोड़ जीबी था। इसी तरह प्रति उपभोक्ता औसत डेटा खपत कई गुना बढ़कर 7.6 जीबी पर पहुंच गई, जो 2014 में 0.27 जीबी थी।


ये भी पढ़ें: RTGS का यूज करने वालों के लिए खुशखबरी, अब से सुबह 7 बजे से उपलब्ध होगी यह खास सुविधा


हर दिन बढ़ रही डेटा की खपत

ट्राई की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) और असम सेवा क्षेत्रों में 2018 में औसत वायरलेस डेटा इस्तेमाल में 100 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई जबकि अन्य सेवा क्षेत्रों में यह वृद्धि 50 फीसदी से अधिक रही। इसके साथ ही आपको बता दें कि साल 2017 में डेटा की खपत 2,009.2 करोड़ जीबी थी, जो 2018 में 131 फीसदी बढ़कर 4,640.4 करोड़ जीबी पर पहुंच गई। कुल डेटा प्रयोग में 4जी का हिस्सा 86.85 फीसदी यानी 4,030.4 करोड़ जीबी रहा। वहीं 2जी का हिस्सा 0.95 फीसदी, 3जी का 12.18 फीसदी और सीडीएमए का 0.01 फीसदी हिस्सा रहा।


रिपोर्ट से मिली जानकारी

इसके अलावा अगर हम प्रति व्यक्ति राजस्व की बात करें तो साल 2014 के 71.25 रुपये से बढ़कर 2018 में 90.02 रुपये पर पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में वायरलेस डेटा इस्तेमाल से राजस्व 22,265 करोड़ रुपये था जो कि 2018 में 54,671 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले 2017 में यह 38,882 करोड़ रुपये रहा था।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार,फाइनेंस,इंडस्‍ट्री,अर्थव्‍यवस्‍था,कॉर्पोरेट,म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App