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कश्मीर में लॉकडाउन से भारी नुकसान, सेब उत्पादक से लेकर बैट निर्माताओं को भी परेशानी

Ashutosh Kumar Verma

Publish: Aug 23, 2019 10:46 AM | Updated: Aug 23, 2019 11:45 AM

Industry

  • लॉकडाउन से खेती पर पड़ रहा सबसे अधिक असर।
  • सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ी।
  • क्रिकेट बैट निर्माताओं को भी परेशानी।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में लगातार लॉकडाउन की वजह से घाटी में सेब की खेती पर ज्यादा असर पड़ रहा है। फसल सीजन के करीब होने के कारण कश्मीर के सेब उत्पादक काफी चिंतित हैं। दक्षिण कश्मीर के दो जिले शोपियां व कुलगाम प्रमुख सेब उत्पादक केंद्र हैं, जहां लोग इसे लेकर चिंतित हैं।

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सेब पकने के बाद भी नहीं मिल रहे मजदूर

एक सेब किसान गुलाम मोहम्मद अपने बगीचे के सेबों को अनिश्चितता के साथ देखते हैं। सेब एक हफ्ते में पक जाएंगे, लेकिन सरकार की एडवाइजरी के बाद घाटी से व्यापक रूप से गैर कश्मीरियों के चले जाने से उनके मजदूर भी चले गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस साल भारी नुकसान होगा।

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बंदी से सेब उत्पादकों चिंता

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के सेब उत्पादक मुजफ्फर अहमद ने कहा, "मौजूदा हालात के तहत हमें अपने लक्ष्य को हासिल करने की बहुत कम संभावना है। मैं पत्थरबाज नहीं हूं..मेरा क्या दोष है, मुझे क्यों परेशानी उठानी पड़ रही है।" बंद के प्रभाव से सेब उत्पादक चिंतित हैं।

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क्रिकेट बैट बनाने वालों को भी परेशानी

अनंतनाग का हल्लमोला इलाका क्रिकेट बैट के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। वहां भी इसी तरह की चिंता सता रही है। बैट बनाने वालों का कहना है कि इन्हें लेने वाला कोई नहीं है। एक बैट निर्माता गुल जावेद ने कहा, "हमारा व्यवसाय पूरी तरह से पर्यटकों और यात्रियों पर निर्भर है। कश्मीर में अभी पर्यटक बिल्कुल नहीं हैं, हमारा व्यापार पूरी तरह से ठप है। हमारे मजदूर चले गए हैं, जबकि बेमौसम बारिश ने हमारे लिए हालात बदतर कर दिए हैं।"