स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Jet Airways crisis: दिवालिया अदालत ने जेट एयरवेज के खिलाफ याचिका को दी मंजूरी, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

Saurabh Sharma

Publish: Jun 21, 2019 06:21 AM | Updated: Jun 21, 2019 10:57 AM

Industry

Jet Airways crisis: दिवालिया अदालत यानी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ( NCLT ) ने Jet Airways के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया चलाने की याचिका मंजूर कर लिया है। इसके लिए अदालत की ओर समाधान प्रोफेशनल को भी नियुक्त किया है, जो तीन महीने में मामले का समाधान करेगा।

नई दिल्ली। जेट एयरवेज का संकट ( Jet Airways crisis ) लगातार बढ़ता जा रहा है। दिवालिया अदालत यानी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ( NCLT ) की ओर से जेट एयरवेज ( Jet Airways ) के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने की बैंकों के समूह की अपील को मंजूर कर लिया है। जल्द ही इस मामले में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अदालत ने ग्रांट थॉर्नटन के आशीष छौछारिया को जेट एयरवेज के लिए समाधान प्रोफेशनल भी नियुक्त किया है। इस याचिका को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI ) के नेतृत्व में करीब 26 बैंकों की ओर से डाला गया था। आपको बता दें कि जेट एयरवेज पर बैंकों का करीब 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज है। जेट एयरलाइन को नकदी की कमी की वजह से 17 अप्रैल 2019 को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया था।

तीन महीने में प्रोसेस हो जाएगा पूरा
ट्रिब्यूनल की अगुवाई कर रहे वीपी सिंह और रविकुमार दुरईसामी ने समाधान प्रोफेशनल को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वह तीन महीने में समाधान प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करें। वैसे नियमों के अनुसार समाधान प्रक्रिया का कुल तय समय 6 महीने का है। लेकिन राष्ट्रीय हित एवं महत्व का हवाला देते हुए इसे तीन महीने में निपटाने को बोला गया है।

यह भी पढ़ेंः- जेट एयरवेज की कंगाली से मालामाल हुए निवेशक, 122 फीसदी उछले शेयर्स

कुल 36,500 करोड़ रुपए का बकाया
जेट एयरवेज को पिछले पांच महीने से बेचने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन बैंकों को कोई भी खरीदार नहीं मिल रहा था। अगर खरीदार सामने आ भी रहा था तो उसकी अपनी अलग शर्तेें थी। जिसे लेंडर्स को मानने को तैयार नहीं थे। जिसकी वजह से जेट एयरवेज चलती हालत में नहीं बिक सकी। ताज्जुब की बात तो ये है कि जेट एयरवेज पर बैकों के अलावा भी कई हजार करोड़ रुपए का कर्ज हैै। जिसमें गुड्स एंड सर्विसेज का 10,000 करोड़ रुपए और कर्मचारियों के वेतन का 3,000 करोड़ रुपए भी शामिल है। पिछले कुछ साल के दौरान जेट एयरवेज का कुल नुकसान 13,000 करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है. इस तरह एयरलाइन पर कुल 36,500 करोड़ रुपये का बकाया है। जेट एयरलाइन के बंद होने के बाद से करीब 23,000 कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं।

 

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्‍ट्री, अर्थव्‍यवस्‍था, कॉर्पोरेट, म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.