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भारत में Cryptocurrency बैन को लेकर निवेशकों का बड़ा सवाल, इस खास रिपोर्ट के बाद मची हलचल

Ashutosh Kumar Verma

Publish: Jun 23, 2019 17:29 PM | Updated: Jun 23, 2019 17:29 PM

Industry

  • रेग्युलेशन ड्राफ्ट करने वाला पैनल Cryptocurrency को बैन करने के पक्ष में।
  • Facebook ने खुद की क्रिप्टोकरंसी लॉन्च करने का घोषणा किया।

नई दिल्ली। क्रिप्टोकरंसी ( Cryptocurrency ) निवेशक मौजूदा समय में इस बात की चिंता में है कि क्या भारत में उनके लिए अब कोई रास्ता नहीं बचा है। क्रिप्टोरकरंसी के लिए एक अंतर-मंत्रालयी पैनल ( Inter Ministerial panel ) का गठन किया गया था जिसकी जिम्मेदारी थी कि वो इस सेक्टर के लिए कुछ रेग्युलेशन ड्राफ्ट करे। अपने रिपोर्ट में यह पैनल क्रिप्टोकरंसी पर पूरी तरह से बैन लगाने के पक्ष में है। इस पैनल का कहना है कि भारत में क्रिप्टोकरंसी जारी करना पोंजी स्कीम ( Ponzi scheme ) की तरह ही होगा।


मौजूदा निवेशकों के लिए परेशानी

नवंबर 2017 में इस कमेटी का गठन किया गया था, जिसकी अगुवाई आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ( Subhash Chandra Garg ) कर रहे हैं। इसी माह जारी किए रिपोर्ट में कहा गया था कि देश में क्रिप्टोकरंसी की माइनिंग, होल्डिंग और वर्चुअल करंसी को डिस्पोज करना गैर-कानूनी बना दिया जाना चाहिए। इसे गैर-कानूनी करार देते हुए 10 साल की सजा भी होनी चाहिए। लेकिन, इन सबके बीच एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या इस रिपोर्ट के आधार पर कोई कानून बनाया जाएगा। अगर ऐसा होता भी है तो उन निवेशकों के पास क्या रास्ते होंगे जो पहले से ही क्रिप्टोकरंसी की माइनिंग करते हैं।

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कुछ निवेशकों में उम्मीद की किरण

गर्ग पैनल की इस रिपोर्ट के बाद, अभी भी कुछ निवेशकों को उम्मीद है कि भविष्य में उनके लिए राह बंद होने की जगह आसान हो जाएगी। निवेशकों की इस उम्मीद का सबसे बड़ा कारण हाल ही में फेसबुक द्वारा खुद की क्रिप्टोकरंसी लाने की घोषणा है। फेसबुक ने कहा है कि अगले साल तक ही वो अपनी क्रिप्टोकरंसी लॉन्च कर देगा, जिसका नाम लिब्रा होगा।

इंडियन क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज के सीईओ निश्चल सेट्टी का कहना है कि फेसबुक के प्लान के बाद पैनल की इस रिपोर्ट में वजन था, लेकिन अब कुछ उम्मीद जरूर जगी है। उन्होंने कहा कि फेसबुक के बाद दूसरी कंपनियां भी खुद की क्रिप्टोकरंसी लॉन्च कर सकती है, ऐसे में सरकार इन कंपनियों की तुलना पोंजी स्कीम से तो नहीं ही करेगी।

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अभी भी असमंजस की स्थिति

हालांकि, दूसरी तरफ कुछ लोगों में भारतीय निवेश बाजार में क्रिप्टोकरंसी को लेकर निराशा देखने को मिल रहा है। अप्रैल 2017 में क्रिप्टोकरंसी को लेकर इस पैनल ने जुलाई में भी एक रिपोर्ट जमा किया था। इसके बावजूद भी पूरी तरह से बैन लागू नहीं किया गया था। अब दूसरे पैनल ने भी क्रिप्टोकरंसी को सपोर्ट नहीं किया है। ऐसे में अंतत: पूरी तरह से बैन संभव हो सकता है। कुछ रिपोट्र्स में तो यह भी दावा किया गया है कि फेसबुक भारत में अपनी क्रिप्टोकरंसी लॉन्च नहीं करेगा।

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