स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

स्टील की खपत बढ़ने के साथ भारत बनेगा 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी: इस्पात मंत्रालय

Manish Ranjan

Publish: Aug 22, 2019 15:20 PM | Updated: Aug 22, 2019 15:21 PM

Industry

इस्पात मंत्रालय का स्टील की खपत बढ़ाने पर जोर

प्रमुख स्टील निर्यातक देश बनाने के लिए चर्चा

स्टील सेक्टर बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नई तकनीक को अपनाए

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रति व्यक्ति स्टील (इस्पात) की खपत बढ़ाने को लेकर स्टील सेक्टर के विभिन्न शेयरधारकों (सार्वजिनिक उपक्रमों, उद्यमियों, कारोबारी संगठन के प्रतिनिधियों) से मुलाकात का दौर शुरू कर दिया है। हालही में झारखण्ड में प्रमुख इस्पात उत्पादक इकाइयों (प्लांट) का दौरा करने के बाद बुधवार को इस्पात मंत्री ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, जॉइंट प्लांट कमिटी और सीआरआईएसआईएल के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर देश में स्टील की मांग की समीक्षा करते हुए स्टील की खपत बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। इस दौरान स्टील की आयात निर्भरता को कम करते हुए भारत को प्रमुख स्टील निर्यातक देश बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा हुई।

नई तकनीक अपनाने पर जोर
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्टील सेक्टर बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नई तकनीक को अपनाए। स्टील उत्पादन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए साहसिक निर्णय लेने होंगे। उन्होंने आर्थिक क्षेत्र में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे संसाधनों के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था के परिदृश्य समझ कर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

प्रति व्यक्ति स्टील खपत बढ़ाएं
नेशनल स्टील पॉलिसी 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में देश में प्रति व्यक्ति इस्पात की खपत 61 किलोग्राम है, जबकि विश्व अनुपात 208 किलोग्राम है। केंद्रीय इस्पात मंत्री पहले भी कह चुके हैं कि स्टील सेक्टर के सभी शेयरधारक चाहे वह सार्वजिनिक क्षेत्र के हों या फिर निजी देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर ले जाने के लिए इस्पात क्षेत्र की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों में छोटी और मझोली कंपनियों की भूमिका को और बढ़ाने पर भी बल दिया है।