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पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में ऊर्जा मंत्रालय का और बढ़ेगा महत्व, हो सकते हैं ये बड़े बदलाव

Manish Ranjan

Publish: May 25, 2019 18:48 PM | Updated: May 25, 2019 18:48 PM

Industry

  • उर्जा मंत्रालय कर सकता है कई ऐलान
  • मोदी 2.0 में बढ़ सकता है कद
  • आम आदमी को मिलेंगे ये फायदे

नई दिल्ली: आने वाले वक्त में मोदी सरकार में ही नहीं बल्कि विश्वपटल पर एनर्जी सेक्टर की महत्ता बढ़ने वाली है। दरअसल जिस तरह से कंवेशनल एनर्जी सोर्स खत्म हो रहे हैं। उससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संरक्षण की बात हो रही है । जिसके तहत न सिर्फ कंवेशनल सोर्स को मितव्ययिता के साथ खर्च करने बल्कि ऊर्जा के नए और अल्टरनेट सोर्सेज को बढ़ावा देने की बात की जा रही है।

यही वजह है कि हर देश में सरकार में ऊर्जा मंत्रालय की अहम भूमिका होती है। इस मंत्रालय का व्‍यापक उद्देश्‍य देश की ऊर्जा आवश्‍यकताओं की पूर्ति के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा का विकास तथा उसकी स्‍थापना करना है। ऊर्जा मंत्रालय प्रमुख रूप से देश में ऊर्जा के विकास के लिए उत्तरदायी है। ये मंत्रालय परिदृश्य आयोजना, नीति बनाने, निवेश निर्णय हेतु परियोजनाओं की कार्रवाई, विद्युत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी, प्रशिक्षण एवं जनशक्ति विकास और थर्मल, जल विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण के संबंध में प्रशासन एवं कानून बनाने से संबंधित कार्य करता है।

भारत में भी 1992 में ऊर्जा मंत्रालय की स्थापना की गई, लेकिन मोदी सरकार में मंत्री पीयूष गोयल ने अपने कामों से इस मंत्रालय को नई उंचाईयों पर पहुंचाया। मोदी मंत्रिमंडल में ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से आम जनमानस तक led बल्ब पहुंचाने से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर सराहनीय कदम उठाए गए। आगे भी ये काम जारी रहने की उम्मीद है।

आम आदमी को मिलेंगे ये फायदे
आपको बात दें कि मोदी सरकार के नेतृत्व सिर्फ देश स्तर पर नहीं बल्कि राज्य सरकारें भी केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रही है। भाजपा शासित उत्तर प्रेदश में ईईएसएल का पेट्रोलियम मंत्रालय से करार यही बताता है । इस करार के तहत अब राज्य में पेट्रोल पंप पर ही led बल्ब और पंखे मिलेगें।
सस्ती कीमत पर मिलेंगे घरेलू उपकरण-
पेट्रोल पम्प पर एलईडी 9 वाट का बल्ब 65 रुपये में, ट्यूबलाइट 230 रुपये में (पूरा सेट), पंखा 1150 रुपये में, कूलर छह हजार रुपये में मिलेगा। जबकि बाजार में एलईडी बल्ब दो सौ रुपये में मिलता है। तेल कंपनियां यह उपकरण सरकार की कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) से खरीदेंगी। पम्पों पर मिलने वाले सभी बिजली के उपकरणों को इन्वर्टर और सोलर पैनल सिस्टम द्वारा चलाया जा सकता है।

ऊर्जा मंत्रालय के अधीन एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) कम ऊर्जा खपत वाले विद्युत उपकरण तैयार कराती है और इन्हें विभिन्न सरकारी एजेंसियों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाती है। इससे ऊर्जा बचत के साथ ही लोगों का विद्युत बिल कम होता है। ईईएसएल का अब पेट्रोलियम मंत्रालय से करार हुआ है। इसके तहत पेट्रोल पम्पों पर ईंधन के साथ ही एलईडी बल्ब, ट्यूब लाइट व कूलर-पंखे भी बेचे जाएंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर हो सकती है 1.4 लाख की बचत-

इसके अलावा आपको बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए FAME स्कीम शुरू की गई है। 1 अप्रैल से इस योजना का दूसरा चरण भी देशभर में लागू हो गया है। जिसके तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल पर सब्सिडी देने का प्रावधान है। इस योजना के लिए पिछले हफ्ते कैबिनेट ने 10 हजार करोड़ रुपए मंजूर किए थे। योजना के अंतरे्गत सरकार करीब 10 लाख टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहनों पर 20-20 हजार रुपए सब्सिडी देनी की योजना है। साथ ही अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों पर 1.5 लाख रुपए की छूट का प्रावधान किया जा सकता है।