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BSNL इंजीनियर्स ने PM Modi से कहा- कंपनी को रिवाइव करने के लिए कदम उठाएं, कर्मचारियों को मिले रिवार्ड

Ashutosh Kumar Verma

Publish: Jun 23, 2019 18:24 PM | Updated: Jun 23, 2019 19:10 PM

Industry

  • BSNL के इंजीनियर्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी को लिखा खत।
  • MTN और BSNL को रिवाइव करने को लेकर जरूरी कदम उठाने की मांग की।

नई दिल्ली। जीरो डेट और लगातार बढ़ते मार्केट शेयर ( Market share ) का हवाला देते हुए bsnl के कुछ इंजीनियर्स और अकाउंट प्रोफेशनल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) को एक खत लिखा है। पीएम मोदी से उन्होंने मांग की है कि वो इस सरकारी कंपनी के रिवाइवल में हस्तक्षेप करें। उन्होंने यह भी कहा है कि नॉन-फरफॉर्मिंग कर्मचारियों को अपने खराब प्रदर्शन के लिए जवाबदेह भी होना चाहिए।


दोनों कंपनियों को कम से कम बेसिक सपोर्ट दे सरकार

गत 18 जून को ऑल इंडिया ग्रेजुएट इंजीनियर्स एंड टेलिकॉम ऑफिसर्स एसोसिएशन ( AIGETOA ) ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वो BSNL के बजट में सपोर्ट करें और नकदी संकट को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाएं। उनका कहना है कि नकदी संकटी की वजह से ही कंपनी के ऑपरेशन और मेंटेनेंस पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने लेटर में लिखा है, "हमारा मानना है कि मौजूदा नकदी संकट को देखते हुए सरकार को कम से बेसिक सपोर्ट करना चाहिए। ऐसा करने से BSNL एक बार फिर मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में शामिल हो सकती है।"

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BSNL का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मुनाफे में

एसोसिएशन ने कर्मचारियों के लिए परफॉर्मेंस आधारित मैकेनिज्म लाने पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि बेहतर परफॉर्मेंस करने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलना चाहिए वहीं, खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। बता दें कि BSNL और MTNL सरकारी कंपनियां हैं। ये दोनों कंपनियां बीते कुछ समय से घाटे में चल रही हैं। MTNL दिल्ली और मुंबई में ऑपरेट करती है, वहीं, BSNL बाकी के 20 सर्कल्स में काम करती है। MTNL लगतार घाटे में चल रही है और अभी तक कंपनी के रिवाइवल के कोई आसार भी नहीं दिखाई दे रही है। वहीं, दूसरी तरफ BSNL को वित्त वर्ष 2014-15 में 672 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2015-16 में 3,885 करोड़ रुपये का और वित्त वर्ष 2016-17 में 1,684 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट हुआ था।


अन्य कंपनियों के मुकाबले बीएसएनएल का बेहतर प्रदर्शन

एसोसिएशन ने कहा है कि बाजार के हालात की वजह से BSNL समेत पूरे सेक्टर के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। एसोसिएशन ने कहा, "इस सेक्टर की अन्य कंपनियों की तुलना में BSNL ने लगातार मुनाफा कमाया है। BSNL आत्म-निर्भर रही है। इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ गया है।" टेलिकॉम मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, दोनों पब्लिक सेक्टर कंपनियों के रिवाइवल प्रस्ताव को तैयार किया जा रहा है और इसे अगले 3-4 महीनों में पेश भी कर दिया जाएगा।

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