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पालको को मिलेगा हक, रखेंगे स्कूल पर निगरानी

Sanjay Rajak

Publish: Oct 21, 2019 11:16 AM | Updated: Oct 21, 2019 11:16 AM

Indore

नि:शुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार आरटीई के तहत सरकारी और अनुदान प्राप्त प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में दो वर्ष से संचालित हो रही शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) भंग हो चुकी है। आज नए सिरे इस समिति का गठन सभी स्कूलों में किया जाना है।

इंदौर. न्यूज टुडे. नि:शुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार आरटीई के तहत सरकारी और अनुदान प्राप्त प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में दो वर्ष से संचालित हो रही शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) भंग हो चुकी है। आज नए सिरे इस समिति का गठन सभी स्कूलों में किया जाना है। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा १४ अक्टूबर को ही निर्देश जारी कर दिए गए थे। समिति गठन की कार्रवाई १०.३० बजे से शुरू हो चुकी है जो कि दोपहर ३ बजे तक चलेगी।

आरटीई के तहत एसएमसी का गठन दो वर्षों के लिए २०१७ में किया गया था। इस शैक्षणिक सत्र में यह समिति भंग हो गई थी। सत्र 2019-20 एवं 2020-21 के लिए सभी शासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्त प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में आज शाला प्रबंधन समिति का गठन किया जा रहा है। शाला प्रबंधन समिति की संरचना, समिति के सदस्यों के निर्वाचन की प्रक्रिया, स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों, शिक्षक व अन्य सदस्यों का चयन के लिए प्रारूप भी भेजा गया है। सुबह १०.३० बजे स्कूल प्रभारी व एचएम समिति का प्रारूप तैयार करेंगे। इसके बाद वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन अनुपात में पालकों और अभिभावकों की सदस्य संख्या की गणना कर शाला के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करेंगे। जिसमें ५ पुरुष एवं महिला पालक-अभिभावक सदस्यों को चुना जाएगा। इसके बाद ४ शिक्षक व अन्य सदस्यों का चयन किया जाएगा। इसके बाद समिति के गठन की सूचना जारी की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया दोपहर ३ बजे तक चलेगी।

इसलिए जरूरी समिति

यह समिति स्कूल की जरूरत और शिक्षण कार्य को लेकर खुद से निर्णय ले सकेगी। इसके साथ स्कूल की कार्यप्रणाली पर भी निगरानी रखेगी। हर माह समिति सदस्यों की बैठक होगी और माहवार कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाएगी।