स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

कलेक्टोरेट से अब कम्प्यूटर ऑपरेटर्स हटाने की तैयारी

Hussain Ali

Publish: Aug 22, 2019 08:45 AM | Updated: Aug 21, 2019 15:39 PM

Indore

नौकरी बचाने के लिए मंत्री से लगाएंगे गुहार

इंदौर.पांच साल से कलेक्टोरेट में काम कर रहे कम्प्यूटर ऑपरेटर्स को हटाए जाने की तैयारी की जा रही है। अब प्रशासन ये काम आउटसोर्सिंग कम्पनी से कराएगा। नौकरी बचाने के लिए ऑपरेटर्स अपने अफसरों के दरवाजे भी हो आए पर कुछ नहीं हुआ। अब मंत्री के यहां दस्तक देने की तैयारी कर रहे हैं।

must read : 'बेजोड़ इंसान थे बाबूलाल गौर, प्रदेश की जनता की भलाई उनके लिए थी सर्वोपरि'

एक दशक पहले सरकार ने सरकारी कामकाज को कम्प्यूटराईज करने के लिए ई-गवर्नेस की घोषणा की थी। इसके चलते थोकबंद कम्प्यूटर तहसीलदार से लेकर कलेक्टर की अदालत तक में लगाए गए। इसके लिए अफसर तो ठीक बाबुओं को भी उसकी ट्रेनिंग दी गई, लेकिन जब काम की बारी आई तो फजीहत हो गई। इस समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने लोकसेवा केंद्र के हवाले से कम्प्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति की। ७ हजार रुपए तनख्वाह में युवा इस उम्मीद से काम कर रहे थे कि एक ना एक दिन सरकार उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित कर देगी। पांच साल कड़ी मेहनत करने के बाद नतीजा ये निकला की अपर कलेक्टर पवन जैन ने हाल ही में उन्हें बोल दिया कि तुम्हारी सेवाएं सिर्फ 31 अगस्त तक ही हैं। ये सुनते ही 31 कम्प्यूटर ऑपरेटरों की जमीन हिल गई। उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया, जिसे बचाने के लिए वे कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव के पास भी गए थे, लेकिन उन्होने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि प्रशासन अब आउटसोर्सिंग कम्पनी को ठेका देकर काम करवाने के मूड में है। इसको लेकर अब वे प्रभारी व गृहमंत्री बाला बच्चन व राजस्व मंत्री गोविंद राजपूत से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताएंगे।

must read : कांग्रेस की ‘कॉपी’ में कांतिलाल भूरिया है प्रदेश अध्यक्ष, प्रेमचंद गुड्डू भी है कांग्रेस नेता !

कोर्ट में बताया था दैनिक वेतनभोगी

गौरतलब है कि कुछ कम्प्यूटर ऑपरेटर्स ने जिला प्रशासन के खिलाफ एक केस लगाया था। उसमें प्रशासन ने उन्हें दैनिक वेतन भोगी के रूप में बताया था। उस हिसाब से ऑपरेटर अब स्थाई नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं।