रोमांस की कैटेगरी में लिखे नॉवेल्स और हो गया हिट - चेतन भगत

Reena Sharma

Publish: Feb 04, 2019 14:47 PM | Updated: Feb 04, 2019 14:47 PM

Indore

एक बिजनेस स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होने आए चेतन भगत से पत्रिका की खास बातचीत

इंदौर. जिंदगी में हर कोई निराश महसूस करता है, लेकिन उस समय खुद को संभालना सबसे जरूरी होता है। जब मैंने बैंकिग की जॉब छोडक़र राइटिंग फील्ड में आने का सोचा तो बहुत नर्वस था। मुझे याद है कि मेरे पहली बुक छापने के लिए दिल्ली के सभी पब्लिशर्स ने मना कर दिया था। दो साल तक भटकने के बाद मुझे कोई पब्लिशर मिला। इन दो सालों के भटकाव में मैंने मान लिया था कि मेरा राइटिंग में कुछ नहीं हो सकता। मैं सिर्फ बैङ्क्षकग के लिए बना हूं। मेरा समय बदला और बुक पब्लिश होने के साथ सुपर हिट भी हुई। यह बात फेमस राइटर चेतन भगत ने पत्रिका से बातचीत में कहीं। वे तक्षशिला बिजनेस स्कूल के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर में थे।

जो हिट हुआ, वह चलने लगा
मैंने जब लिखना शुरू किया था तब ये नहीं सोचा था कि क्या हिट होगा या किस चीज की मॉर्केट वैल्यू है। ये सच है कि एक बार जो चीज हिट हो जाती है, लोग उसे फॉलो करने लगते हैं। जब मैंने लिखना शुरू किया था, तब लोगों की पढऩे में रुचि कम थी। अचानक एक राइट हिट हुआ और फिर रोमांस की कैटेगरी में कई नॉवल लिखे गए। यही इंडस्ट्री का रूल है। जब पहला सास-बहू सीरियल हिट हुआ था, उसके बाद उसी तरह के सीरियल्स की लाइन लग गई थी। डायरेक्ट और राइटर जो हिट है, उसे ही फॉलो करते हैं।

नंबर से वर्ड की जर्नी में उतार-चढ़ाव
भगत कहते हैं कि मेरी हर किताब के नाम में एक नंबर होता है। इसक ी वजह है कि मैं इंजीनियर हूं, एमबीए किया है और एक बैंकर हूं, तो कहीं ना कहीं मेरे पास्ट में नंबर्स से काफी जुड़ा रहा। मैं अक्षरों की दुनिया में बाद में आया हूं। इसीलिए अपनी हर बुक के नाम में नंबर्स का इस्तेमाल करता हूं, ताकि पास्ट को साथ रख सकूं। जब आप एक स्टेबल जॉब में होते हो, तो कोई बोल्ड डिसीजन लेना काफी कठिन होता है। मेरी किताब वन नाइट एट अ कॉल सेंटर इतनी पसंद नहीं की गई तो मैं थोड़ा परेशाना रहा, लेकिन इसका सिर्फ एक समाधान होता है- ‘फाइंड योर सेल्फ इन ए न्यू वे।’