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बेटरमेंट चार्ज की लेकर बनाएंगे एमआर सड़कें

Nitesh Kumar Pal

Publish: Oct 21, 2019 06:01 AM | Updated: Oct 21, 2019 00:07 AM

Indore

5 फिसदी, 3 फिसदी और 2 फिसदी राशि लेगा नगर निगम, जारी किया टेंडर
राज्य सरकार से अनुमति आना बाकी

इंदौर.
मास्टरप्लान की मेजर रोड और लिंक रोड को बनाने के लिए नगर निगम ने काम शुरू कर दिया है। नगर निगम ने पहले दौर में चार महत्वपूर्ण सड़कें एमआर-3, एमआर-5, एमआर-9 और आरई-2 की 18 किलोमीटर से लंबी सड़क बनाई जानी है। इन सड़कों को बनाने और इस पर लाइटिंग में नगर निगम को लगभग १५९ करोड़ की लागत आनी है। वहीं नगर निगम ने इस सड़क को जनता से पैसे लेकर ही बनाने की तैयारी की है। निगम इन सड़कों के दोनों छोर पर ५०० मीटर तक का हिस्से में आने वाली संपंत्तियों से सड़क बनाने और उसे विकसीत करने के लिए बेटरमेंट चार्ज लेगा। सड़क से लगाकर ४० मीटर तक 5 फिसदी, उसके आगे के 80 मीटर तक 3 फिसदी राशि और बचे हुए 320 मीटर के हिस्से में 2 फिसदी की दर से बेटरमेंट चार्ज लिया जाएगा।
एमआर और लिंक सड़कों को आईडीए द्वारा बनाने में हो रही देरी के चलते इसे नगर निगम से बनाने का फैसला संभागायुक्त ने लिया था। सड़क को बनाने के लिए नगर निगम पर आर्थिक बोझ न आए इसलिए इन सड़कों को बेटरमेंट चार्ज लेकर बनाने की तैयारी की गई थी। इसके लिए नगर निगम ने अपने बजट में जहां प्रावधान किया था। वहीं 3 अक्टूबर को परिषद ने भी इसके प्रस्ताव को पारित कर दिया है। परिषद से प्रस्ताव पारित होने के बाद निगम ने इन सड़को को बनाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। हालांकि अभी इसमें राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिली है। नगरीय प्रशासन विभाग से इसकी अनुमति के लिए नगर निगम ने प्रस्ताव अभी भेजा नहीं है। हालांकि निगम को उम्मीद है कि जब तक इसकी कागजी प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी जो जाएगी। वहीं अनुमति आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
जमीनों के भाव बढ़ेंगे, इसके चलते लेंगे पैसा
नगर निगम का मत है कि चूंकी इन सड़कों के बनने के बाद इन क्षेत्रों की जमीनों के भाव बढ़ जाएंगे। इसके चलते जमीनों की कीमतों में होने वाली वृद्धि के लिए सड़क निर्माण का पैसा नगर निगम को मिल जाएगा।
लोन लेकर करेंगे काम शुरू
नगर निगम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नगर निगम फिलहाल इन सड़कों के निर्माण का काम शार्ट टर्म लोन लेकर करेगा। प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए १०० करोड़ का लोन लिया जाएगा। वहीं बेटरमेंट चार्ज से इसे पटाने के साथ ही पूरी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
नहीं हुआ सीमांकन
इन सड़को का अलायमेंट टीएंडसीपी को तय करना है। वहीं सड़क के लिए जमीन का सीमांकन जिला प्रशासन को करना है। अभी तक इन सड़कों में आने वाली जमीनों का सीमांकन नहीं हो पाया है। बरसात के चलते सीमांकन का काम नहीं हो पाया था। दीपावली के बाद इन सड़कों के सीमांकन का काम शुरू होगा।
600 आपत्तियों का कर चुके निराकरण
इन सड़कों में लगभग 3 हजार बाधक निर्माण आ रहे हैं। नगर निगम ने इन सड़कों क बनाने के पहले दावे-आपत्ति बुलाए थे। नगर निगम को लगभग ६०० दावे आपत्तियां सड़क को लेकर प्राप्त हुई थी। इन सभी का निराकरण नगर निगम द्वारा किया जा चुका है। वहीं सड़क का सीमांकन होते ही बाधक निर्माणों की स्थिति सपष्ट हो जाएगी।
टीडीआर से देंगे मुआवजा
वहीं इन सड़कों में आने वाले वैध बाधक निर्माणों का मुआवजा नगर निगम टीडीआर (ट्रांसफार्मेबल डेवलमेंट राइट) के जरिए किया जाएगा। वहीं कुछ लोगों की शिफ्टिंग की भी तैयारी नगर निगम कर रहा है।
एमआर-5 पर निगम का ध्यान, निगमायुक्त ने किया दौरा
एमआर-5 सड़क को बनाने पर नगर निगम का सबसे ज्यादा ध्यान है। ये सड़क सुपर कॉरिडोर से शहर के मध्यक्षेत्र को जोडऩे वाली एक ओर सीधी सड़क होगी। इस सड़क की स्थिति को देखने और सडक बनाने में आने वाले हिस्सों की स्थिति देखने के लिए रविवार को निगमायुक्त आशीष सिंह खुद गए थे। उन्होने पूरे क्षेत्र का दौरा भी किया था।
मुख्यमंत्री की हरीझंडी
नगर निगम द्वारा बनाई जाने वाली इन सड़कों और इनको लेकर की गई प्लानिंग को मुख्यमंत्री कमलनाथ पहले ही हरी झंडी दे चुके हैं। मुख्यमंत्री के समक्ष पूरे प्रोजेक्ट को निगम रख चुका है। और उन्होने इसकी प्लानिंग और पैसों को लेकर की गई व्यवस्था पर सहमती देते हुए तेजी से काम करने के लिए कहा था।
सड़कें जो बनाई जानी है
सड़क - अनुमानित लागत
एमआर-3, पिपल्यापाला रिजनल पार्क से बायपास - ३६.०३ करोड़
एमआर-5 इंदौर वायर से बड़ा बांगड़दा - ५५.५० करोड
एमआर-9 रिंग रोड स्कीम-53 से बायपास - २१.८५ करोड़
आरई-2 भूरी टेकरी से नेमावर रोड - ४३.६३ करोड

0 इन सड़कों के बनने से शहर में यातायात का दबाव काफी कम होगा। हमें उम्मीद है कि जो बेटरमेंट चार्ज का प्रावधान हमने किया है, उसे जनता की ओर से देने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
0 आशीष सिंह, निगमायुक्त