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पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी के विरोध में उतरे किसान नेता, दी आंदोलन की चेतावनी

Mohit Panchal

Publish: Sep 21, 2019 11:11 AM | Updated: Sep 21, 2019 11:11 AM

Indore

नाराज सांसद बोले -कांग्रेस ने दिया जनता को धोखा

इंदौर। पेट्रोल-डीजल पर ५ प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। तीन साल पहले प्रदेश में बवाल खड़ा करने वाली किसान सेना ने भी मैदान संभाल लिया है। साफ कर दिया कि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो गांव-गांव आंदोलन होंगे।
सेना के सचिव जगदीश रावलिया के मुताबिक कमलनाथ सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के दाम पर जीएसटी बढ़ाने का फैसला किसानों के लिए दुबला और दो आषाढ़ कहावत को चरितार्थ करने जैसा है। राज्य सरकार का यह फैसला किसानों और जनता के साथ धोखा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का कदम वर्षा और बाढ़ की मर झेल रहे किसानों के जख्मों नमक छिड़कने जैसा है। इससे किसानो में आक्रोश है। सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो विरोध करेगी।

कांग्रेस ने दिया जनता को धोखा, दाम बढ़ाए : सांसद
चुनाव के दौरान पेट्रोल व डीजल पर जीएसटी कम करने का वचन दिया गया था, लेकिन सरकार में आने के बाद घटाने की बजाय उसे ५ प्रतिशत बढ़ा दिया गया। कांग्रेस ने जनता के साथ धोखा किया है। पेट्रोल डीजल पर ५ प्रतिशत जीएसटी बढ़ाए जाने से नाराज सांसद शंकर लालवानी ने ये बात कही।

वे बोले कि विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने वचन पत्र के नाम पर जो घोषणा पत्र जारी किया गया था, उसमें प्रदेश की जनता से यह वादा किया था कि हम जीएसटी को हटाएंगे। इस वादे को तोड़ते हुए कांग्रेस सरकार ने कल दूसरी बार पेट्रोल-डीजल के जीएसटी में वृद्धि की गई है। इस बार सरकार ने पेट्रोल डीजल पर 5 प्रतिशत जीएसटी बढ़ाया गया है।

इसके पूर्व सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए प्रति लीटर की दर से स्पेशल ड्यूटी लगा दी थी। इस अतिरिक्त कर के कारण प्रदेश के नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लालवानी ने कहा कि जनता के हितों पर किए गए प्रहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी बढ़ाने के फैसले को सरकार वापस ले अन्यथा सड़क पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।