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Janmashtami : श्रीकृष्ण को भोग लगाते समय इसलिए बजाते हैं घंटी, गोपियों ने बनाई थी ये योजना, जानिए रोचक वजह...

Reena Sharma

Publish: Aug 22, 2019 14:16 PM | Updated: Aug 22, 2019 14:16 PM

Indore

23 और 24 अगस्त को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।

इंदौर. 23 और 24 अगस्त को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। कृष्णजी के लिए विभिन्न तरह के पकवान यानि 56 भोग बनाए जाएंगे। मंदिरों से लेकर हर घर में विशेष आयोजन होंगे। लड्डू गोपाल का पसंदीदा माखन का प्रसाद चरणामृत और मिश्री के भोग से उन्हें हर कोई प्रसन्न करेगा, लेकिन क्या आपको पता है कि भगवान कृष्ण को भोग लगाते समय आखिर घंटी क्यों बजाई जाती है? दरअसल इसके पीछे भी एक कहानी है..

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वैसे तो कन्हैया हमेशा ही माखन चुराकर खाते थे, जिससे गोपियां और मां यशोदा अकसर परेशान रहती थी लेकिन एक दिन गोपियों ने एक योजना रची और कृष्ण जी के लिए माखन की मटकियां रख दी। मटकी में उन्होंने घंटी लगा दी ताकि जैसे ही वे माखन खाने आए गोपियां उन्हें रंगे हाथों पकड़ लें। योजना के मुताबिक कृष्ण जी अपने सखाओं के साथ माखन खाने पहुंचे। उन्होंने जाते ही घंटी को स्वर करने से मना कर दिया। घंटी तब तक नहीं बजी जब तक कि कन्हैया जी अपने सखाओं को माखन खिला रहे थे, लेकिन आखिर में बारी आई कन्हैया जी की। अब जब वे माखन खाने लगे तो घंटी बजने लगी और गोपियों ने कृष्ण जी को रंगे हाथों माखन खाते हुए पकड़ लिया।

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जब जब आपको भोग लगेगा मैं हमेशा स्वर करूंगी

वे सोचने लगे कि घंटी कैसे बजी मैंने तो मना कर दिया था तब घंटी बोली कन्हैया जी जब तक आपने सखाओं को माखन खिलाया तब तक मैंने आपकी आज्ञा का पालन किया लेकिन जब बारी जब आपकी आई तो भला मैं कैसे स्वर न करती। आप प्रभु हो और आपको भोग लगेगा तो मैं हमेशा स्वर करूंगी। बस उसी दिन से हमेशा यह प्रथा बन गई कि जब भी भगवान कृष्ण या किसी भी देवी-देवता को भोग लगेगा तब घंटी को बजाना है।