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विजय नगर पर नहीं बनेगा आइएसबीटी, जमीन के कमर्शियल उपयोग से 600 करोड़ मिलने की उम्मीद

Hussain Ali

Publish: Aug 22, 2019 09:00 AM | Updated: Aug 21, 2019 13:39 PM

Indore

- पास ही में नायता मुंडला और कुमेर्डी में बन रहे आईएसबीटी के कारण आईडीए ने विचार बदला

इंदौर. शहर के मास्टर प्लान में तय कई स्थान नए शहर के हिसाब से अपनी उपयोगिता खोते जा रहे हैं। इसी आधार पर आईडीए ने विजय नगर चौराहे पर आईएसबीटी नहीं बनाने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण की मंशा है, इस जमीन के कमर्शियल हिस्से का अनुपात सरकार बढ़ा दे। अनुमान है कि आईडीए को इस जमीन से 600 करोड़ रुपए से अधिक मिल सकते हैं।

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शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक पर मास्टर प्लान में आईएसबीटी प्रस्तावित है। विवादित होने के कारण यह जमीन वर्षों तक कोर्ट में उलझी रही। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से फैसला आईडीए के पक्ष में आया। इसके बाद इसके उपयोग पर मंथन शुरू हुआ। लेकिन पास में ही नायता मुंडला और कुमेर्डी में पहले से ही दो आईएसबीटी का निर्माण किया जाना है। ऐसे में यहां एक और आईएसबीटी बनाना आईडीए को उचित नहीं लग रहा है।

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3.5 से बढ़कर 6.5 एकड़ का हो कमर्शियल उपयोग

एबी रोड पर स्थित 10 एकड़ जमीन का उपयोग बस स्टैंड के लिए किया जाना था। इसके 35 प्रतिशत हिस्से के व्यावसायिक उपयोग की अनुमति है। वर्तमान में 3.5 एकड़ जमीन एआइसीटीएसएल को सिटी बसों के लिए दी गई है। शेष 6.5 एकड़ खाली है। आईडीए ने सरकार से इस जमीन का कमर्शियल हिस्सा बढ़ाने का आग्रह किया है। यदि सरकार कमर्शियल उपयोग की जमीन का हिस्सा बढ़ाकर 6.5 एकड़ किए जाने की आईडीए की मांग मंजूर कर लेती है तो, प्राधिकरण को इस जमीन से बढ़ा आर्थिक लाभ हो सकता है। इससे दो आईएसबीटी और कई स्थानों पर फ्लाय ओवर के निर्माण के लिए पर्याप्त राशि मिल सकती है।

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सिटी बसों का स्टेशन बन सकता है

आईडीए ने सरकार को लिखा है, सरकार यदि उपयोग का अनुपात बदल दें तो यहां सिटी बसों के लिए स्टेशन बना सकते हैं क्योंकि भविष्य में इनकी संख्या में इजाफा होगा। बायपास-रिंग रोड के आसपास तक लोक परिवहन पहुंचाने के लिए भी यह स्थान उपयोगी होगा।

यहां आईएसबीटी बनाने से 2 किमी की दूरी में दो आईएसबीटी हो जाएंगे। बीआरटीएस का ट्रैफिक भी मुश्किल में आ जाएगा। मेट्रो के गुजरने से वाहनों की फजीहत और बढ़ेगी। इस कारण सरकार को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलने पर प्रक्रिया शुरू करेंगे।- विवेक श्रोत्रिय, सीईओ, आईडीए