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सरकार पर भडक़े उद्योगपति, बोले- कांग्रेस हर जगह सिर्फ पैसा देख रही है...

Hussain Ali

Publish: Jul 20, 2019 08:45 AM | Updated: Jul 19, 2019 17:08 PM

Indore

सरकार पर भड़क उठे उद्योगपति

 

इंदौर.जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के तहत आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों को व्यावसयिक करने की तैयारी शासन ने कर ली है। इसके तहत औद्योगिक संगठनों से राय मांगी गई है। सरकार के इस कदम से कई उद्योगपति भड़के हुए हैं। वे इसका विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल व्यावसायिक हो जाने के बाद बिजली, टैक्स और अन्य शुल्क बढ़ जाएंगे। इस कारण वे शासन से खफा हैं।

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शासन की तरफ से संगठनों को औद्योगिक क्षेत्र की भूमि का उपयोग व्यावसायिक करने के संबंध में उद्योगपतियों की राय जानने के लिए उन्हें पत्र भेजा गया है। उद्योग संचालनालय भोपाल से इंदौर सहित अन्य सभी बड़े जिलों के जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधकों से भी इस संबंध में प्रतिवेदन मांगा है। ये पत्र आने के बाद औद्योगिक संगठनों में खींचतान मची हुई है। कुछ उद्योगपति भारी नाराज हैं और कुछ समर्थन कर रहे हैं, लेकिन ज्यादातर ने इसे नुकसानदायक ही बताया है। इंदौर के औद्योगिक संगठन लघु उद्योग भारती, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज को आए पत्रों में पूछा गया है कि औद्योगिक भूमि को व्यावसायिक करने के लिए पहल की जा रही है। वे औद्योगिक क्षेत्र में रहना चाहते हैं या भूमि को व्यवसायिक करवाना चाहते हैं, इस पर अपना अभिमत दें।

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बिजली-पानी का पैसा बढ़ेगा, दुकानें और शोरूम भी खुलेंगे
उद्योगपतियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों की जमीन तो औद्योगिक ही रहना चाहिए। अगर इसे व्यावसायिक कर दिया जाएगा, तो बिजली का पैसा व्यावसायिक की दर से लगेगा। शासन के जितने भी टैक्स हैं, वे भी व्यावसायिक के हिसाब से लगेंगे। वहीं यदि किसी फैक्टरी के बगल में शोरूम, मॉल, शराब की दुकान या हॉस्पिटल खुल जाता है तो उद्योग चलाना मुश्किल हो जाएगा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
यदि किसी उद्योगपति के पास खाली जगह पड़ी है, औद्योगिक क्षेत्र में ही दूसरा उपयोग करना चाहता है, तो इससे उसे फायदा मिलेगा। स्वागत योग्य कदम होना चाहिए। शासन को रेवेन्यू मिलेगा, रोजगार भी बढ़ेगा। फैक्टरी बंद होने पर उद्योगपति को भी दूसरा विकल्प मिलेगा।
आलोक दवे, अध्यक्ष एआईएमपी

हमारा उद्देश्य उद्योग चलाकर अपने भविष्य और भारत को उज्ज्वल बनाना है। सभी उद्योगपति आपस में चर्चा कर इसके ऊपर ठोस बात करेंगे। एक-दो दिन में पोलो ग्राउंड में एक बैठक रखी जाएगी। सभी उद्योगपति अपनी राय देंगें। -धनंजय चिंचालकर, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती