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आई हॉस्पिटल में हुए 300 ऑपरेशनों की होगी जांच

Lakhan Sharma

Publish: Aug 19, 2019 10:53 AM | Updated: Aug 19, 2019 10:53 AM

Indore

- घर पहुंचे मरीजों से संपर्क करेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
- शाम को सात बजे सीधी फ्लाईट से चेन्नई जाएंगे मरीज

इंदौर। इंदौर आई हॉस्प्टिल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान मरीजों की आंखो की रोशनी जाने के बाद अब अस्पताल में पिछले दो माह में जितने ऑपरेशन हुए सभी की जांच की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कल आदेश दिए थे। आज से अधिकारी सभी मरीजों से संपर्क करना शुरू करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों के घर जाकर उनकी जांच करेगी। जिन मरीजों को आंखो में परेशानी है उन्हे लाकर चेकअप करवाया जाएगा।
उधर अस्प्ताल में तीन मरीजों हरपालदास, मनोहर हरोर और मोहन को चेन्नई भेजा जा रहा है। शाम को सात बजे तीनों सीधी फ्लाईट से चेन्नई जाएंगे। इनके साथ दो दो नेत्र सहायकों को भी भेजा जा रहा है जो एक इंदौर और दूसरा धार से होंगे। उधर चेन्नई से आए नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रमन ने बताया कि चार मरीज ऐसे लग रहे है जिनकी आंख बच जाएगी। इनकी सर्जरी की है। चार मरीजों को इंजेक्शन दिए गए है। कुछ सर्जरी हो चुकी है लेकिन अगले तीन-चार दिन अति संवेदनशील है, मरीजों की आंख का पस बढऩा नहीं चाहिए। अगर बढ़ता है तो दोबारा इंजेक्शन देना पड़ेगा। तीनों मरीजों को शाम को चेन्नई भेजा जाएगा। वहां असपताल में पहले ही बोल दिया गया है, एयरपोर्ट से ही अस्पताल की एंबुलेंस से मरीजों को ले जाया जाएगा। इधर जांच समिति में शामिल डॉक्टर संक्रमण के कारण ही आंखो की रोशनी जाना बता रहे हैं। अब इसकी जांच हो रही है की संक्रमण फैला किस कारण। दवाईयों के सैंपल लेकर यही जांच की जा रही है। मोतियाबिंद सर्जरी से गुजरे मरीजों की आंख में किसी द्रव से बैक्टीरीया पहुंचने का अंदेशा जताया गया है। डॉ. रमन ने बताया कि मरीजों की आंख में सुडोमोनस बैक्टीरिया का संक्रमण हुआ है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि संभवत: सर्जरी में इस्तेमाल फ्लूइड या अन्य तरल पदार्थ के कारण संक्रमण हुआ है। हालांकि कल्चर जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। लापरवाही के चलते आंखे खोने वाले दो और मरीज सामने आ गए। जिसके बाद इंदौर आई अस्पताल में हुए 300 पुरानी सर्जरियों की जांच की जा रही है। कारण है की अगर दवा से इंफेक्शन हुआ तो अस्पताल के अन्य मरीजों को भी पिछले दो माह में यही दवांए दी गई होगी।

- अस्पताल आज से पुरी तरह बंद
इधर पहले इंदौर आई हॉस्पिटल का सिर्फ ओटी बंद किया गया था। लेकिन आज से अस्पताल पुरी तरह बंद हो गया है। यहां कोई भी नार्मल मरीज भी इलाज नहीं करवा पाएगा। उधर स्वास्थ्य मंत्री आज सुबह भोपाल के लिए निकल गए। लेकिन वे रास्तेभर फोन पर डॉक्टरों से जानकारी लेते रहे। कल भी वे चोईथराम अस्पताल में पांच घंटे रूके। उधर बनाई गई जांच समिति कल रात 8 बजे तक इंदौर आई हॉस्पिटल में रही। इस दौरान अस्पताल के जिम्मेदारों के भी बयान लिए गए। गौरतलब है की इंदौर नेत्र चिकित्सालय में 8 अगस्त को राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 14 मरीजों के ऑपरेशन किए गए थे। इनमें से तीन को छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन 11 की रोशनी चली गई।