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हनीट्रैप : बार-बार एसआईटी प्रमुख बदलने पर कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, हैदराबाद में होगी जांच, सुनवाई 2 दिसंबर को

Reena Sharma

Publish: Oct 21, 2019 13:58 PM | Updated: Oct 21, 2019 13:58 PM

Indore

मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश नहीं कर पाई सरकार

विकास मिश्रा @ इंदौर. सोमवार को हनी ट्रैप मामले जांच के लिए बनाई गई एसआइटी का प्रमुख बार-बार बदलने को लेकर मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सरकार को फटकार लगाई है। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा हनी ट्रैप मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी पेश नहीं की गई इस पर भी कोर्ट नाराज हुई। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।

हनी ट्रैप की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी का प्रमुख बार-बार बदलने और सीबीआई को केस सौंपने की मांगों को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई हुई। एसआईटी प्रमुख बदलने के क्या कारण रहे इसका जवाब राज्य सरकार कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई तक एसआईटी प्रमुख को बदलने का कारण और मामले की जांच प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

एसआईटी में होता रहा बदलाव

सरकार ने सबसे पहले एसआईटी बनाई तो उसका प्रमुख आईपीएस डी. श्रीनिवास वर्मा को बनाया था, लेकिन उन्होंने खुद ही इस पद को छोड़ दिया था। इसके बाद डीजीपी ने सीनियर आईपीएस संजीव शमी को मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त किया था। उनके हटने पर प्रदेश के प्रमुख सीनियर आईपीएस में शुमार राजेंद्र कुमार को जवाबदारी सौंपी गई।

सबूतों को जांच के लिए हैदराबाद भेजा जाए

मामले की जांच में एसआईटी ने आरोपी महिलाओं से सीडी, मोबाइल, पेन ड्राइव सहित काफी सामान जब्त किया था। इनकी जांच पुलिस ने अपनी ही लैब में करवाई है। इसे कोर्ट ने अनुचित मानते हुए जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को हैदराबाद स्थित लैब में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए।