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सावन में जेठ सी गर्मी, पसीना-पसीना हो रहे लोग, दिन-रात चल रहे कूलर-पंखे

Hussain Ali

Publish: Jul 20, 2019 08:45 AM | Updated: Jul 19, 2019 16:42 PM

Indore

हाय-हाय गर्मी : पारा सामान्य से चार डिग्री ऊपर, दिन-रात चलाने पड़ रहे कूलर-पंखे

इंदौर.सावन का महीना शुरू हो चुका है और माना जाता है कि सबसे ज्यादा बारिश इसी महीने में होती है और मौसम भी ठंडा रहता है, लेकिन मानसून की बेरुखी से सावन में जेठ माह सा अहसास हो रहा है। बैचेनीभरी गर्मी पड़ रही है। पारा सामान्य से ऊपर है और लोग परेशान हैं। बारिश का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं है।

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लेट पहुंचे मानसून की शुरुआत तो अच्छी रही। एक सप्ताह तक बारिश होती रही और इंदौर में आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले बेहतर हो गया, लेकिन इसके बाद अचानक से ब्रेक लग गया। मानसून का सिस्टम ऐसा बिगड़ा कि लौटकर दोबारा नहीं आया। अब हालत यह है कि दिन में तेज धूप पड़ रही है और गर्मी के मारे हाल बेहाल हैं। सावन को शुरू हुए को दो दिन हो चुके हैं, लेकिन मानसून की कोई हलचल अब तक दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में सावन भी सूखा तो निकल ही रहा, साथ ही तप भी रहा है। हवा में नमी ज्यादा होने से गर्मी बेचैनी बढ़ाने वाली साबित हो रही है। पारा 34 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के चार डिग्री ऊपर है, वहीं रात का तापमान भी 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री ऊपर है। बारिश के कारण ठंडक बढऩे के बाद कूलर्स रख दिए गए थे, लेकिन अब फिर निकल आए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि रविवार तक मानसूनी हलचल फिर शुरू हो सकती है, लेकिन तेज बारिश के कोई आसार नहीं हैं।

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बढ़ीं किसानों की मुसीबतें

मानसून एक बार फिर गच्चा दे दिया है। जिन किसानों ने मानसून की अच्छी आमद को देखते हुए बोआई कर दी थी, अब बारिश न होने से उन्हें फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है। डाले गए बीज अंकुरित तो हुए, लेकिन मिट्टी में नमी न होने की वजह से खराब होने लगे हैं। मौजूदा सीजन में मौसम विज्ञान के अनुसार सामान्य बारिश की संभावना थी, यही नहीं, समय से मानसून सक्रिय होने का भी था। मानसून लेट हुआ, लेकिन अच्छी बारिश ने किसानों को उत्साहित कर दिया। पर अब फसल पर सूखे के बादल मंडराने लगे हैं।

बीमारियों ने पैर पसारे

मानसून के रूठने से मच्छरों का प्रकोप बढऩे लगा है। मच्छरों से होने वाली बीमारियां बढ़ रही हैं। वहीं ठंडक के बाद अचानक से बढ़ी गर्मी के चलते वायरल बीमारियां भी पैर पसार रही हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढऩे लगी है।