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गोदावरी नाव हादसा : जिंदगी और मौत के खेल में जिम्मेदार मौन... पहल करेगा कौन...?

arun Kumar

Publish: Sep 16, 2019 01:34 AM | Updated: Sep 16, 2019 01:50 AM

Hyderabad

WATCH VIDEO: Godavari Boat Accident: गोदावरी नदी में नाव (Boat) डूबने से 12 लोग काल के गाल में समा गए, 24 लोगों को डूबने से बचा लिया गया जबकि करीब 40 लोग अभी भी अथाह जल में कहां हैं किसी को कुछ पता नहीं...

Hydrabad. आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले की गोदावरी नदी में नाव डूबने से 12 लोग काल के गाल में समा गए, 24 लोगों को डूबने से बचा लिया गया जबकि करीब 40 लोग अभी भी अथाह जल में कहां हैं किसी को कुछ पता नहीं। 500 मीटर गहरी नदी में अधिकांश पर्यटक जल्दबाजी में बिना लाइफ जैकेट पहने ही नाव पर बैठ गए। कुछ ने रोका तो अपनों ने टोका भी... मगर मौत उनको अथाह सागर में ले जाना चाहती थी इसलिए लोगां ने अपनों की बात भी हवा में उड़ा दी। लागों की मानें तो नाव में 63 पर्यटक, 8 क्रू सदस्य थे। बारिश के कारण गोदावरी नदी में बहाव तेज था और तभी नाव एक चट्टान से टकरा गई। अधिकतर लोग नाव से छिटककर पानी में जा गिरे। जिनके पास लाइफ जैकेट थी वे कुछ देर तैरकर किनारे लग गए जिन्हें स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला मगर कुछ नसीब के मारे दरिया में ही समा गए।

500 मीटर गहरी नदी में नहीं मिल रहे शव

एक निजी ऑपरेटर की नाव पर्यटन स्थल पापीकोंडालु से रवाना हुई थी और कच्छलुरू के पास डूब गई। स्थानीय लोगों का साफ किया कि नदी 500 मीटर तक गहरी है। अगर इसमें कोई डूब जाए तो जल भंवर का दबाव उसे नदी की तलहटी तक ले जाता है। ऐसे में किसी का ऊपर आना मुश्किल होता है। आठ से दस घंटे बाद जब शव में पानी भर जाता है तब वह धीर धीरे ऊपर आती है मगर इस दौरान नदी के जीव-जंतु शव की दुर्दशा कर देते हैं। इसके अलावा पानी के बहाव में कभी कभी शव किलोमीटर आगे निकल जाते हैं और उसका मिलना मुश्किल हो जाता है। जिनके शव मिले हैं सभी ने डूबते समय कुछ देर तैरने की कोशिश की और इसी बीच उनका दम घुट गया और वे भंवर से बाहर हो ऊपर आ गए।

नाव संचालन बंद था फिर नदी में कैसे गई नाव

बारिश के बाद लबालब नदी में नाव संचालन बंद था, इस बाद भी नाव किसकी अनुमति से नदी में पर्यटकों को लेकर चली गई, कोई कु छ बताने को तौयार नहीं है। नदी में नाव संचालन की अनुमति न होने के कारण वहां लाइफ जैकेट भी पर्याप्त मात्रा में नहीं थे, कुछ पुनाने और जीवन को जोखिम में डालने वाले थे। स्थानीय लोगों ने साफ किया कि प्रतिबंध के बावजूद अगर किसी नाव आपरेटर को टूरिस्ट मिल जाते वह नदी में नाव लेकर चल देता था। प्रशासन इसपर कोई भी कार्रवाई नहीं करता क्योंकि कमीशन ऊपर तक जाता थी। मना करने का नाटक करते हुए भी वहां तैनात प्रशासन के तीमारदार नदी में नाव ले जाने का इशारा कर देते हैं। यह हादसा इसी लापरवाही का नतीजा है।

मोदी ने घटना पर दुख जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने ट्वीट किया, "आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी में नाव डूबने की घटना से बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदना पीडि़त परिवारों के साथ है। घटनास्थल पर बचाव अभियान अभी भी चल रहा है।"

अमित शाह बोले, दुर्भाग्यपूर्ण है दुर्घटना

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, "आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में नाव दुर्घटना से हुई क्षति काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इससे काफी दुखी हूं। इस हादसे में जिन्होंने भी अपने प्रियजनों को खोया है, मेरी संवेदना उनके साथ है। ईश्वर इस क्षति से उबरने में उनकी सहायता करे।"

रालुल ने व्यक्त की परिजनों के प्रति संवेदना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी में नाव दुर्घटना के बारे में सुनकर दुखी हूं। इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि लापता हुए लोग सुरक्षित बाहर आ जाएं।"