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सावधान! मदद कर शातिर यूं उड़ा रहे आपके बैंक खाते से रुपए

arun Kumar

Publish: Sep 27, 2019 23:49 PM | Updated: Sep 27, 2019 23:49 PM

Hyderabad

नेल्लोर पुलिस (Nellor Police) ने बुजुर्गों के एटीएम कार्ड का क्लोन (Make ATM card clone) बनाकर कैश निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया (Three r arrested) है। आरोपियों से सात लाख नगद, स्किमिंग मशीन, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

नेल्लोर : सावधान! अगर आप बुजुर्ग या 60 के पार है तो और भी सतर्कता की जरूरत है। अगर एटीएम से रुपए निकालते समय अनायास कोई मदद करे तो सतर्क हो जाएं और अपना कार्ड किसी भी सूरत में उसे न दें। शातिर इसी दौरान आपका कार्ड स्कैन कर लेते हैं और आपके जाते ही आपके खाते से रुपए साफ कर देते हैं। नेल्लोर में बुजुर्गों से ठगी की कई शिकायतें आने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने ऐसे शातिरों का धर दबोचा। नेल्लोर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्धार पर लगे एटीएम में पुलिस ने गैंग को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। नेल्लोर पुलिस ने बुजुर्गों के एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर कैश निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से सात लाख नगद, स्किमिंग मशीन, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में सभी वारदातें कबूल दीं। तीनों आरोपी संदीप कुमार 32 वर्ष, मंजीत 29 वर्ष, जगजीत 29 वर्ष हरियाणा के भिवानी जिले के भवानी केड़ा थालुक इलाके के निवासी हंै। आरोपियों के खिलाफ आंध प्रदेश के अलग अलग थानों में 49 मामले दर्ज हैं। जिनके अनुसार आरोपियों ने अब तक 11 लाख की ठगी बुजुर्गों के एटीएम से क्लोन बनाकर की है।

बुजुर्गों की मदद कर यूं उड़ा लेते थे रुपए

हाईटेक गिरोह हवाई जहाज के यात्रा कर शहर पहुंचता था। इसके बाद कार किराए पर लेकर एटीएम का निरीक्षण करते थे। जिस एटीएम पर कोई बुजुर्ग पैसे निकालने जाता आरोपी उसके पीछे हो लेते थे। बुजुर्ग की मदद करने के नाम पर आरोपी उसका कार्ड लेते और दूसरे हाथ में मौजूद चुंबकीय कार्ड रीडर डिवाइस के माध्यम से इसे स्वाइप करते। इस तरह वह एटीएम कार्ड का पूरा डेटा ब्लूटूथ के जरिए अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर लेते। गिरोह एटीएम कार्ड के डेटा से क्लोन तैयार कर एटीएम मशीन के जरिए बुजुर्ग के खाते से रकम निकाल लेते।

इन राज्यों में दे चुक हैं वारदात को अंजाम...

शातिरों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वे लगभग 3 साल से इस कार्य में सक्रिय हैं। देश के 14 राज्यों में इन्होंने 1000 से अधिक वारादातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। असम, बिहार, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मेघालय, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में इन्होंने अनगिनत वारदातें की है।