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आज बीमार न पड़ना, हादसों में घायल न होना...क्योंकि 108 एंबुलेंस हड़ताल पर है

Brijesh Singh

Publish: Jul 23, 2019 19:04 PM | Updated: Jul 23, 2019 19:04 PM

Hyderabad

108 Ambulance On Strike: 108 एंबुलेंस सेवा ( 108 Ambulance ) के पहिए आंध्र प्रदेश के 13 जिलों में सोमवार आधी रात के बाद से थम चुके हैं।

( हैदराबाद, विक्रम जैन ) । आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिन बीमारों और घायलों के लिए तकलीफदेह साबित हो सकते हैं। दरअसल, बीमारों और घायलों को मुफ्त में ही एक कॉल पर अस्पताल पहुंचा देने वाली 108 एंबुलेंस सेवा ( 108 Ambulance ) के पहिए आंध्र प्रदेश के 13 जिलों में सोमवार आधी रात के बाद से थम चुके हैं। इसका असर भी मंगलवार सुबह से नजर आया, जब सड़कों पर 108 एंबुलेंस के सायरन की आवाज नहीं सुनाई दी। हालांकि, माना जा रहा है कि इस मामले की असली गूंज ( प्रभाव ) तो अब सामने आएगा, जब मरीजों को परेशानी के चलते माहौल में तल्खी आएगी।

वेतन और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर

दरअसल, घायलों/मरीजों को नि:शुल्क परिवहन सुविधा मुहैया करवाने वाली 108 एम्बुलेंस सर्विस में काम कर रहे कर्मचारियों ने वेतन और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है। दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी ( Y S RajShekhar Reddy ) के समय में शुरू की गई इस 108 सेवा ने लाखों लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया है। मंगलवार सुबह से 108 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। काबिलेगौर है कि आंध्र प्रदेश के कुछ जिलों में 108 वाहनों को पहले ही रोक दिया गया है। कर्मचारी नौकरी की सुरक्षा और लंबित बकाया की मांग कर रहे हैं।

वाईएसआर जगनमोहन रेड्डी के सत्तासीन होने पर बढ़ी थी उम्मीद

108 कॉन्ट्रैक्ट एम्पलॉईस संघ की राज्य सरकार की समिति ने 13 जिलों में आधी रात से इस हड़ताल का आह्वान किया है। यह सेवाएं सोमवार रात 12 बजे प्रकाशम, नेल्लोर, कुरनूल, विशाखापट्टनम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी और गुंटूर जिलों में रोक दी गईं। नेल्लोर में भी मंगलवार सुबह जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जिला भर के 108 कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को जिला कलेक्टर के सामने रखा। उन्होंने करीब छह महीनों से वेतन न मिलने की भी बात कही। दरअसल, इन लोगों को उम्मीद थी कि पिता के समय शुरू हुई इस सेवा की बदहाली पर जगनमोहन रेड्डी ( Jaganmohan Reddy ) संज्ञान लेंगे, लेकिन इतने दिन बीत जाने पर भी जब हालात में कोई परिवर्तन नहीं आया, तो एंबुलेंसकर्मियों ने यह कदम उठाया।

 

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