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अमित शाह के आदेश से फोन टेपिंग की जांच सीबीआई को सौंपी

Zakir Pattankudi

Publish: Aug 19, 2019 19:51 PM | Updated: Aug 19, 2019 19:51 PM

Hubli

अमित शाह के आदेश से फोन टेपिंग की जांच सीबीआई को सौंपी
-पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा
हुब्बल्ली

अमित शाह के आदेश से फोन टेपिंग की जांच सीबीआई को सौंपी
हुब्बल्ली
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि फोन टेपिंग मामले की जांच सीबीआई को सौंपते समय किसी ने भी हमसे संपर्क नहीं किया।
वे हुब्बल्ली हवाई अड्डे पर सोमवार को सिद्धरामय्या की सलाह पर फोन टेपिंग की जांच सीबीआई को सौंपने के मुख्यमंत्री येडियूरप्पा के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। सिद्धरामय्या ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया, फोन टेपिंग के बारे में उन्होंने कोई सलाह नहीं दी है।
सिद्धरामय्या ने कहा कि भाजपा वालों को सीबीआई से नफरत थी, अब अचानक सीबीआई के लिए प्यार कहां से उपड़ा। भाजपा वाले सीबीआई का गलत इस्तेमाल करने जा रहे हैं। हमारी सलाह पर नहीं बल्कि अमित शाह के आदेश पर मामला सीबीआई को दिया है। राजनीतिक रंजिश के चलते भाजपा इस कार्रवाई को अपना रही है। हमारे पास फोन नहीं है। सहायकों के फोन को तो टेप किया ही होगा। जांच के लिए विरोध नहीं है। यह निष्पक्ष होनी चाहिए परन्तु भाजपा इसका दुरुपयोग करेगी यह सम्भावना है।

केंद्र सरकार की बेरुखी

सिद्धरामय्या ने कहा कि राज्य में बाढ़ को 15 दिन बीतने पर भी केंद्र सरकार की ओर से एक रुपया तक नहीं मिला है। गृहमंत्री अमित शाह तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन आकर चले गए परन्तु राहत के बारे में बात ही नहीं की। वर्ष 2009 में बाढ़ आने पर सत्तूर मठ में येडियूरप्पा बैठक कर रहे थे। उस दौरान कांग्रेस के नेतृत्व की तत्कालीन संप्रग सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने हवाई सर्वेक्षण कर 1600 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। मुख्यमंत्री येडियूरप्पा प्रधानमंत्री से मुलाकात करके आए हैं परन्तु प्रधानमंत्री राशि देंगे इसमें संशय है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को नुकसान की जानकारी नहीं दी है। हमारी जानकारी के अनुसार बाढ़ से छह लाख हेक्टेयर फसल तबाह हुई है और एक लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। राशि मंजूर करने में इन्हें क्या दिक्कत है।

भाजपा व्यक्ति केन्द्रित पार्टी

राज्य सरकार के मंत्रिमंडल गठन के बारे में सिद्धरामय्या ने कहा कि बिना मंत्रिमंडल के इतने दिनों तक सरकार चलना यह पहली बार हुआ है। भाजपा में मंत्रिमंडल गठन के लिए क्या समस्या है हमें इसकी जानकारी नहीं है। येडियूरप्पा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह को देखते ही कांपने लगते हैं। राज्य के अन्य भाजपा नेता भी आलाकमान के नाम पर कांपते हैं। येडियूरप्पा अमित शाह के अहसान तले दबे हैं। उनकी मंजूरी मिलने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। भाजपा वालों को लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है। भाजपा व्यक्ति केन्द्रित पार्टी है।
सिद्धरामय्या ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों की शल्य चिकित्सा करवाई थी इसके अगले दिन ही बाढ़ आई थी। इस कारण वे नहीं आ सके। उनके क्षेत्र में 32 गांवों में बाढ़ आई है।

ऑपरेशन कमल की भी हो जांच

सिद्धरामय्या ने कहा कि ऑपरेशन कमल में करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ है। इसकी भी सीबीआई से जांच करानी चाहिए। ऑपरेशन कमल का ऑडियो सामने आने पर जांच करा सकते थे, उस दौरान कुमारस्वामी ने नहीं करवाई। कुमारस्वामी ने जांच क्यों नहीं करवाई पता नहीं है। जांच करवानी चाहिए थी। आपरेशन कमल के बारे में भी जांच होनी चाहिए, इससे हमें खुशी होगी।