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हम्पी स्मारक बाढ़ के पानी से घिरा

Zakir Pattankudi

Publish: Aug 11, 2019 21:25 PM | Updated: Aug 11, 2019 21:25 PM

Hubli

हम्पी स्मारक बाढ़ के पानी से घिरा
-तुंगभद्रा बांध के सभी ३३ गेट खोले, छोड़ा पानी मचा रहा तबाही
-हजारों एकड़ फसलें पानी में डूबी
-सांसद व विधायकों ने नाव से लिया बाढ़ का जायजा
बल्लारी

हम्पी स्मारक बाढ़ के पानी से घिरा
बल्लारी
तुंगभद्रा बांध से छोड़े जा रहे पानी ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। विश्व धरोहर हम्पी भी चारों ओर पानी में डूब गई है। बांध के पानी से कई शहर-गांव टापू बन गए हैं।
तुंगभद्रा बांध से नदी में तीन लाख क्यूसेक पानी छोडऩे से ऐतिहासिक धरोहर हम्पी के अधिकतर स्मारक जलमग्न हो गए हैं। हम्पी यातायात पुलिस थाना तथा सर्कल निरीक्षक कार्यालय जलमग्न हो गए हैं, जिन्हें अस्थाई तौर पर जैन मंडप में स्थानांतरित किया गया है। इन कार्यालयों के बिजली का कनेक्शन काटा गया है। हम्पी आने वाले पर्यटकों को नदी तथा पानी को ओर नहीं जाने की हिदायत दी गई है।
ऐतिहासिक हम्पी का पुरंदर मंडप, श्रध्दा मंडप, स्नान घाट डूबे हैं, तो यंत्रोध्दारक आंजनेय, कोदंडराम मंदिर जलमग्न हुए हैं। बगल के विरापुर गड्डे क्षेत्र भी पानी से जलमगनि हुआ है। यहां के रेसार्ट में ठहरे दो सौ से अधिक लोग बाढ़ के पानी में फंसे हैं। रामसागर, बुक्का सागर, कम्पली, सणापुर, इटगी, मण्णूर, सूगूरु रुद्रपाद आदि गांवों के नदी तट पर बोई धान, केले की फसल में पानी घुस गया है। कम्पली शहर किला क्षेत्र के घर, मंदिरों में नदी का पानी घुसा। जिला प्रशासन ने वहां के प्रभावितों को स्कूल, समुदाय भवनों को स्थानांतरित किया है। फिलहाल जिले का कम्पली पुल पूरी तरह डूब गया है।
खनन क्षेत्र बल्लारी जिले के सभी तालुक अब बाढ़ से त्रस्त हैं। अब तुंगभद्रा नदी जल के बाढ़ तथा तुंगभद्रा बांध लबालब होने से रविवार सुबह 9 बजे 1.77 लाख क्यूसेक पानी को बांध के सभी 33 गेटों को खोलकर छोड़ा है। इससे बांध के निचले भाग के नदी किनारों के गांवों के लोग संकट में फंस गए हैं। सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है।

दस गांव डूबने की आशंका

कम्पली विधायक जी.एन. गणेश ने रविवार को कम्पली पुल के पास तुंगभद्रा बाढ़ के हालात का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से कहा कि तुंगभद्रा नदी की बाढ़ से होसपेट तालुक के पांच तथा कम्पली तालुक के पांच गांव डूबने की आशंका है। सरकार को पूर्व की पद्धति की तरह कम मुआवजा नहीं देकर अधिक मुआवजा निर्धारित करना चाहिए।
होसपेट के सहायक आयुक्त लोकेश ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के लिए हडगली तालुक में चार, हरपनहल्ली तालुक में दो जगहों पर राहत केंद्र खोले गए हैं। होसपेट, कम्पली तालुक में भी जरूरत पडऩे पर राहत केंद्र खोलने की सभी व्यवस्था की गई है। सभी कर्मचारी चौबीसों घंटे कार्य कर रहे हैं।

हजारों एकड़ फसलें पानी में डूबी

पहाड़ी क्षेत्र में बीते कई दिन से हो रही तेज बारिश के कारण तुंगभद्रा बांध में पानी की अच्छी आवक हो रही है। बांध के पूरी तरह भरने में अब सिर्फ ७ फीट ही शेष है। इस समय नदी में १ लाख ८४ हजार क्यूसेक पानी बहकर आ रहा है। तुंगा बांध से १.१४ लाख क्यूसेक पानी बाहर छोड़ा गया है। बांध की अधिकतम क्षमता १६३३ फीट है। शनिवार सुबह ८ बजे तक बांध का जलस्तर १६२६.८ फीट तक पहुंच चुका था। बांध की वास्तविक जल संग्रह क्षमता १३३ टीएमसी है लेकिन वर्तमान में यह क्षमता घटकर सिर्फ ९९ टीएमसी ही है। बांध का शेष भाग गाद से भरा हुआ है। बांध से नहर में २५२२ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
इससे पहले शुक्रवार को एक ही दिन में १५ टीएमसी पानी बहकर आया है। बांध के निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थलों पर जाने की चेतावनी दी गई है। नदी किनारे स्थित ङ्क्षसचाई पंपसेट को भी हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बांध के सबसे ऊपर २ लाख क्यूसेक पानी की आवक हुई है। पानी की आवक के कारण जिले के हरपनहल्ली, हडगली तालुक के कई गांवों की हजारों एकड़ फसल पानी में डूब चुकी है। बांध के निचले क्षेत्र में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के सचिव, पीडीओ तथा तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी एवं बिजली विभाग के कर्मचारियों को अपने निर्धारित केंद्रों में ही रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। आवश्यकता पडऩे पर राहत केंद्रों की सेवाएं शुरू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

सांसद व विधायकों ने नाव से लिया बाढ़ का जायजा

सांसद वाई. देवेंद्रप्पा व विधायक बी. श्रीरामुलु, सोमशेखर रेड्डी, तथा जी. करुणाकर रेड्डी ने रविवार को जिले के बाढ़ में डूबे हरपनहल्ली तालुक के कडती नंद्याल गांव का नाव के जरिए जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ के पानी में डूबे खेतों का जायजा लिया व किसानों की व्यथा सुनी।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में श्रीरामुलु ने कहा कि किसानों की फसलें तुंगभद्रा नदी की बाढ़ से पूरी तरह नष्ट हो गई है, इस बारे में राज्य तथा केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को इस बारे में सतर्कता कार्रवाई करने के निर्देश दिए व किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी एसएस नकुल ने बताया कि बाढ़ से जिले में 544 मकान गिरे हैं व 1547 एकड़ क्षेत्र की फसल बर्बाद हुई है।