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तबाही का दीद, कैसे मनाएं ईद

Zakir Pattankudi

Publish: Aug 11, 2019 20:09 PM | Updated: Aug 11, 2019 20:09 PM

Hubli

तबाही का दीद, कैसे मनाएं ईद
-तोरवी हक्कल में बाढ़ ने दिया दर्द और आंसू
हुब्बल्ली

तबाही का दीद, कैसे मनाएं ईद
हुब्बल्ली
आज ईद है लेकिन पुरानी हुब्बल्ली के मुसलमान बहुल तोरवी हक्कल के निचले इलाकों के बाढ़ और अतिवृष्टि ने वहां के निवासियों को जो दर्द और आंसू दिए हैं उससे उनके त्योहार का मजा फीका हो गया है। त्योहार को मनाने के बारे में यदि वहां के मुसलमानों से कुछ पूछा जाए तो चेहरे पर दर्द की एक लकीर सी खिंच जाती है।
मुस्लिम बहुल पुरानी हुब्बल्ली के तोरवी हक्कल के निचले इलाकों के मकान व सड़कें कीचड़ से सने नजर आते हैं। बकरीद त्योहार के लिए रखे वस्त्र व अनाज नाले में बहने से किसी भी व्यक्ति में त्योहार का उत्साह नहीं बचा है।
इस आवासीय इलाके में 70 से 8 0 घर हैं। सभी घरों में पानी घुसने से घुटनों तक कीचड़ जमा हुआ है। बारिश का दौर थमने से मिट्टी बाहर फेंकने का कार्य रविवार भी जारी रहा। रहने योग्य नहीं दिख रहे मकान, आधी टूटी दीवारें, बहन की शादी के लिए वस्त्र, आभूषण खरीदे भाइयों के माथे पर चिंता की लकीरें हर दर्द की कहानी बता रहे हैं। अच्छी जिंदगी को सड़कों पर लाई बारिश की भरमार को याद कर वहां की जनता अब भी भयभीत हो रही है।

अनाज बचाएं या जान

अब्दुल करीम बागलकोट ने बताया कि नाले का पानी बुधवार रात्रि ही गली में घुस कर कुछ समय में ही फैला। देखते ही देखते पानी सीने तक पहुंचा। 15 वर्षों से परिवार का सहारा बना किराना की दुकान से सारा अनाज आंखों के सामने बह जाने पर भी मजबूर रहे। अपना अनाज बचाएं या जान, ऐसे में तबाही देखने के सिवा और क्या कर सकते थे।

कुछ नहीं बचा

अक्टूबर में लिए तैयार हिना बल्लारी की हालात पर सभी को तरस आ रहा है। बहन की शादी के लिए हिना के चार भाई नए वस्त्र, सोने के आभूषण, बर्तन खरीदे थे। यह सभी पानी में बह गए हैं। इससे उनका घर अब खाली खाली नजर आ रहा है। नम आंखों से हीना ने बताया कि अलमारी व चारपाई को छोड़कर कुछ भी नहीं बचा है। सरकार के पुनर्वास केंद्र तथा अंजुमन-ए-इस्लाम संस्था से की ओर से दिया जा रहा भोजन ही सहारा है।

त्योहार कहां से मनाएं

बकरीद के लिए अनाज खरीद कर लाए रियाज दावलसाब अण्णिगेरी तथा सायरा बानु बेपारी ने पूछा कि सब कुछ बह जाने पर भी त्योहार कहां से मनाएं। हमारे क्षेत्र के विधायक जगदीश शेट्टर ने एक बार भी आवासीय इलाके का दौरा कर हमारी समस्याओं को नहीं जाना। तीस वर्ष से हम पर शासन कर रहे शेट्टर को हमारे आंसू नजर नहीं आ रहे हैं।