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प्रायोगिक परीक्षण में ही 32 चिगरी बसों को पहुंचा नुकसान

Zakir Pattankudi

Publish: Jul 20, 2019 19:36 PM | Updated: Jul 20, 2019 19:36 PM

Hubli

प्रायोगिक परीक्षण में ही 32 चिगरी बसों को पहुंचा नुकसान
-29 बसों की मरम्मत पर खर्च हुए 25 लाख रुपए
-70 प्रतिशत हादसे जंक्शन पर

हुब्बल्ली

प्रायोगिक परीक्षण में ही 32 चिगरी बसों को पहुंचा नुकसान
हुब्बल्ली
हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर में प्रायोगिक तौर पर परिवहन कर रही त्वरित बस परिवहन व्यवस्था (बीआरटीएस) को अभी अधिकृत मंजूरी नहीं मिली है, अभी से 32 चिगरी बसों को नुकसान पहुंच चुका है। इनमें 29 बसों के लिए 25 लाख रुपए खर्च किए गए हैं, शेष तीन चिगरी बसों के खर्च का हिसाब ही नहीं किया गया है।
प्रायोगिक तौर पर 2 अक्टूबर 2018 को चिगरी बसों की सेवा आरम्भ हुई। धारवाड़ जिले को आए सारे मंत्रियों को बस में ले जाकर प्रचार भी पाया परन्तु यातायात नियम में सख्ती नजर नहीं आने से इसके रखरखाव की जिम्मेदारी लेने वाले उत्तर पश्चिम कर्नाटक राज्य पथ परिवहन निगम को आरम्भ में ही हादसों का सामना करना पड़ रहा है।
धारवाड़ में सर्वाधिक हादसे
बीआरटीएस की चिगरी बसों का प्रायोगिक परिवहन शुरू हुए मात्र 69 दिन हुए थे कि 10 दिसम्बर 2018 को बैरिदेवरकोप्पा में पहला हादसा हुआ। उणकल फ्लाईओवर में एक सप्ताह पूर्व बस को भारी नुकसान हुआ, जो बड़ी घटना है। ३२ हादसों में धारवाड़ में 20 तथा हुब्बल्ली में 12 हादसे हुए हैं। हुब्बल्ली के चन्नम्मा सर्कल में अधिक हादसे हुए हैं परन्तु अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है।
70 प्रतिशत हादसे जंक्शन पर
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कुल 32 चिगरी बसों की टक्कर एक सरकारी वाहन को छोड़कर बाकी सब निजी वाहनों से हुई है। सत्तर प्रतिशत हादसे जंक्शन पर, 30 प्रतिशत बीआरटीएस कॉरिडोर में हुई हैं। बसों को नुकसान पहुंचा है परन्तु ऑडिट रिपोर्ट अभी नहीं आई है। ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद कितना नुकसान हुआ है कितनी क्षति हुई है इसका पता लगेगा।
चालकों की गलती से भी नुकसान
चिगरी बस चालकों के बस टर्मिनल पर गलत पार्किंग करने से बसों को नुकसान हुआ है। अधिकतम 6 0 किलोमीटर रफ्तार निर्धारित की गई है। जंक्शन सिग्नल सही तौर पर कार्य करने के बाद भी निजी वाहन चालकों का अचानक आगे बढऩे से भी बीआरटीएस चिगरी बसों को नुकसान हुआ है।
आपराधिक मामले का भी डर नहीं
बीआरटीएस कॉरिडोर में निजी वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लगाने के लिए पुलिस विभाग के साथ परिहन निगम के साथ चर्चा कर कई फैसले लिए गए थे। हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर पुलिस आयुक्त के आपराधिक मामला दर्ज करने की चेतावनी देने के बाद भी निजी वाहनों के चालक इनसे नहीं डर रहे हैं। वाहनों को मनमानी तौर पर चला रहे हैं परन्तु अब तक कार्रवाई मात्र शून्य है।